माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स ने कोरोना जैसे खतरे की चेतावनी 5 साल पहले ही दी थी

वॉशिंगटन. माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर और दुनिया के दूसरे बड़े अमीर बिल गेट्स ने कोरोनावायरस जैसे खतरे की चेतावनी 5 साल पहले ही दे दी थी। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की एक रिपोर्ट के मुताबिक 2015 में अफ्रीका में इबोला वायरस के संकट के वक्त गेट्स ने एक कॉन्फ्रेंस में कहा था कि अगले कुछ दशकों में 1 करोड़ लोगों की मौत की वजह कोई युद्ध या मिसाइल नहीं बल्कि तेजी से फैलने वाला कोई वायरस हो सकता है।

इबोला से 2 साल में 11,000 लोग मरे थे, कोरोना से 5 महीने में 13000 मौतें हो चुकीं
गेट्स ने चेतावनी की वजह बताते हुए कहा था कि हम परमाणु हमलों से बचने के लिए तो बहुत ज्यादा खर्च कर रहे हैं, लेकिन महामारियों को रोकने के लिए बहुत कम पैसा लगा रहे हैं। इसलिए हम अगली महामारी से मुकाबले के लिए तैयार नहीं हैं। 2014 से 2016 के बीच इबोला वायरस से दुनियाभर में 28,000 लोग संक्रमित हुए थे और 11,000 की मौत हुई थी। पश्चिम अफ्रीकी देशों में इसका ज्यादा असर रहा था। इधर, कोरोनावायरस से दुनिया के 188 देशों में 5 महीने में 13,032 लोगों की मौत हो चुकी। नवंबर में पहला मामला सामने आया था।

इबोला के वक्त हेल्थ वर्कर्स ने अच्छा काम किया: गेट्स
गेट्स ने इबोला के तेजी से नहीं फैलने की तीन वजह बताई थीं। पहली- यह वायरस हवा के जरिए नहीं फैला। दूसरी- ज्यादातर संक्रमित बिस्तर पर थे। तीसरी- कई शहरी इलाकों में वायरस का संक्रमण नहीं पहुंच पाया। गेट्स ने इबोला की रोकथाम का क्रेडिट प्रमुख रूप से हेल्थ वर्कर्स के हिम्मत भरे काम को दिया। जिन्होंने संक्रमित लोगों को ढूंढ़ा और बीमारी को फैलने से रोका, जबकि जांच और इलाज के लिए बहुत ज्यादा एक्सपर्ट या मेडिकल टीम तैयार नहीं थीं। लेकिन, हो सकता है कि अगली बार हम इतने भाग्यशाली नहीं हों।

गेट्स ने इबोला से भी खतरनाक वायरस की चेतावनी दी थी
गेट्स ने यह चेतावनी भी दी थी कि कोई ऐसा वायरस आ सकता है जिसका संक्रमण होने के बावजूद लोगों को बेहतर महसूस होता रहे और बीमारी पता ही न चले। प्लेन में या फिर बाजार में ऐसे वायरस का संक्रमण फैल सकता है। गेट्स की ये बातें कोरोनावायरस ने सही साबित कर दी हैं।

'रेस्पॉन्स सिस्टम अच्छा होना चाहिए'
गेट्स का कहना था कि किसी बड़ी महामारी के वक्त लाखों हेल्थ वर्कर्स की जरूरत पड़ेगी। हमें मोबाइल फोन जैसी तकनीक का इस्तेमाल कर एक अच्छा रेस्पॉन्स सिस्टम बनाना चाहिए ताकि लोगों को तेजी से जानकारी मिल सके। एक से दूसरे देश में लोगों की आवाजाही के तरीकों पर भी नजर रखनी चाहिए। बायोटेक्नोलॉजी में भी इतना एडवांस होने की जरूरत है कि समय पर टीकों और इलाज की जल्द से जल्द व्यवस्था हो सके।

महामारी से निपटने के लिए गेट्स ने 5 सुझाव दिए थे-
1.
गरीब देशों में मजबूत हेल्थ सिस्टम हो।
2. प्रशिक्षित और विशेषज्ञ लोगों की रिजर्व टीम होनी चाहिए।
3. मेडिकल और मिलिट्री एक्सपर्ट का को-ऑर्डिनेशन हो, ताकि प्रभावित इलाकों में मिलिट्री समय पर संसाधन उपलब्ध करवा सके।
4. सरकारें कितनी तैयार हैं, इसका पता करने के लिए ड्रिल होनी चाहिए।
5. वैक्सीन और जांच के क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा रिसर्च-डेवलपमेंट हो।

कोरोना के इलाज पर रिसर्च के लिए गेट्स फाउंडेशन 750 करोड़ रुपए देगी
बिल एंड मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन के जरिए बिल गेट्स हेल्थ सेक्टर में समाजसेवा करते हैं। उनकी फाउंडेशन ने कोरोनावायरस की जांच और इलाज ढूंढ़ने में मदद के लिए पिछले महीने 10 करोड़ डॉलर (750 करोड़ रुपए) दान देने का ऐलान भी किया था। बिल गेट्स ने पिछले दिनों एक मेडिसिन जर्नल में लिखा था कि कोरोनावायरस दुनिया के लिए एक गंभीर खतरा है, क्योंकि दूसरे वायरस की तुलना में यह ज्यादा घातक और संक्रामक है।



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बिल गेट्स ने 18 मार्च को यह तस्वीर शेयर की थी।


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