चीन में खबरों पर सेंसर, आलोचकों की गिरफ्तारियां; उधर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प झूठी जानकारियां दे रहे

बीजिंग/वॉशिंगटन (जेवियर हर्नांडेज, माइकेल शीयर,दाईसुके वाकाबयाशी).दुनियाभर में फैल रहे कोरोना वायरस का जीवन के सभी क्षेत्रों पर असर दिखाई पड़ रहा है। चीन की सरकार ने वायरस के प्रकोप की खबरों को रोकने के लिए अभियान छेड़ रखा है। खबरें सेंसर हो रही हैं। न्यूज साइट बंद कर दी हैं। सिटीजन जर्नलिस्ट को प्रताड़ित किया जा रहा है। लेकिन, पत्रकार दूसरे तरीके से खबरें देने लगे हैं। सेंसरशिप के बीच राष्ट्रपति शी जिनपिंग की आलोचना करने वाले एक अरबपति के अचानक गायब होने पर संदेह उभरे हैं। एक अन्य आलोचक को गिरफ्तार कर लिया है। उधर, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प कोरोना से राहत देने के संबंध में बार-बार गलत जानकारी दे रहे हैं।

वुहान में टेस्टिंग किट की कमी का खुलासा

कई चीनी पत्रकारों ने सरकार की विफलता और जानकारी छिपाने की कोशिशों का भंडाफोड़ किया है। वे प्रेस की आजादी की मांग उठा रहे हैं। सोशल मीडिया पर देश में चल रहे अन्याय और ज्यादती को सामने ला रहे हैं। कई पत्रकारों ने नाकाबंदी से पहले वुहान में होटलों में अस्थायी न्यूज ब्यूरो खोल लिए थे। प्रोफाइल मैग्जीन ने वुहान में टेस्टिंग किट की कमी का खुलासा किया है। बिजनेस मैग्जीन काइजिंग ने एक अज्ञात स्वास्थ्य विशेषज्ञ के हवाले से बताया कि वुहान में अधिकारियों ने जनता को देर से आगाह किया। न्यूज मैग्जीन काइसिन ने बताया कि किस तरह सरकार ने बीमारी को छिपाए रखा। सेंसरशिप बढ़ने पर पत्रकारों ने अपनी खबरों को स्थानीय अधिकारियों की विफलता पर केंद्रित रखा है। सेंसर से बचने के लिए राष्ट्रीय नेताओं की आलोचना बंद कर दी गई है।

राष्ट्रपति से इस्तीफे की मांग की

बीजिंग में कानून के प्रोफेसर शू झानग्रुन ने पिछले माह प्रकाशित एक आलेख में लिखा है कि महामारी ने चीनी सरकार की सड़न को उजागर कर दिया है। कानूनी एक्टिविस्ट शू झियांग ने सोशल मीडिया पर राष्ट्रपति शी के नाम एक पत्र में उन पर लीपापोती करने का आरोप लगाया है। इस्तीफे की मांग की है। शू को गिरफ्तार कर लिया है। इधर, राष्ट्रपति की आलोचना करने वाले अरबपति रेन झिकियांग का शनिवार से पता नहीं लग रहा है। उनके मित्रों ने बताया कि रेन को विदेश जाने से रोकने के लिए सरकार उन पर लगातार नजर रख रही थी। सरकार ने रेन के सोशल मीडिया अकाउंट डिलीट कर दिए हैं। रेन के गायब होने को कई एक्टिविस्ट चिंताजनक मानते हैं। उनका कहना है, सरकार खबरों को रोेकने कि लिए दमन कर रही है।

राष्ट्रपति शी जिनपिंग को सत्ता का भूखा जोकर बताया

बीजिंग में संपत्ति का कारोबार करने वाले अरबपति रेन झिकियांग ने एक आलेख में राष्ट्रपति शी जिनपिंग को सत्ता का भूखा जोकर बताया था। उनका कहना है, अभिव्यक्ति पर कड़े प्रतिबंधों के कारण कोरोना वायरस फैला है। रेन का लेख चीन में अमीरों के बीच और विदेशों में सोशल मीडिया के माध्यम से पहुंच गया। रेन ने शी का नाम का जिक्र किए बिना लिखा है, मैंने एक सम्राट को नए वस्त्रों में नहीं देखा बल्कि एक निर्वस्त्र जोकर को देखा है। वह अपने सम्राट होने पर जोर दे रहा है। रेन कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्य हैं। 2016 में अपने माइक्रोब्लॉग पर उन्होंने लिखा कि चीनी समाचार मीडिया को पार्टी की नहीं जनता की सेवा करनी चाहिए। पार्टी ने फौरन रेन की खिंचाई की थी। रेन बड़े शहरों में जनसंख्या सीमित करने जैसे मुद्दों पर सरकार की आलोचना करते रहे हैं।

अमेरिका में ट्रम्प ने गलत बयान दिए

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने वायरस के असर से निपटने के बारे में बार-बार गलत बयान दिए हैं। टेस्टिंग की सीमित व्यवस्था होने के बावजूद उन्होंने कहा था कि कोई भी व्यक्ति वायरस की जांच करा सकता है। फिर उन्होंने कहा, अमेरिका वैक्सीन बनाने के करीब है। जबकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इसमें कम से कम एक साल तो लगेंगे। ट्रम्प ने कहा, यूरोप सेयात्रियों का आना रोक दिया है जबकि अमेरिकियों और वैधानिक रहवासियों को आने की छूट है। नया मामला गूगल की एक सहायक कंपनी वेरिली की साइट से जुड़ा है। ट्रम्प ने घोषणा की कि कंपनी ऐसी वेबसाइट बना रही है जिससे वायरस की टेस्टिंग बड़े पैमाने पर तेजी से हो सकेगी। उन्होंने दावा किया कि गूगल के 1700 इंजीनियर इस पर काम कर रहे हैं। वे बहुत आगे निकल चुके हैं। दरअसल एक हजार कर्मचारियों की वेरिली का प्रोजेक्ट एकदम शुरुआती चरण में है। अब तक वेबसाइट शुरू नहीं हुई है। जांच के स्थान तक नहीं बताए गए है।



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चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प- फाइल फोटो।


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