दुनिया कोरोना से बचाव में जुटी, इसलिए 10 करोड़ से ज्यादा बच्चों को खसरे का खतरा; कोरोनो वायरस के चलते 24 देशों में राष्ट्रीय टीकारण कार्यक्रम रुका

जान हॉफमैन. कोरोना महामारी जिंदगी के हर पहलू को प्रभावित कर रही है। यहां तक की खसरा (मीजेल्स) जैसी घातक बीमारी के रोकथाम कार्यक्रम में भी यह बाधा बन रही है। दुनियाभर के देश इस समय अपनी पूरी ताकत कोरोनावायरस को फैलने से रोकने में लगा रखी है, इसके चलते दुनिया के 10 करोड़ से ज्यादा बच्चों पर खसरा (मीजेल्स) का खतरा मंडराने लगा है। इसकी वजह यह है कि मैक्सिको, नाइजीरिया और कंबोडिया सहित 24 निम्न और मध्यम आय वाले देशों ने अपने यहां कोरोना के चलते राष्ट्रीय टिकाकरण कार्यक्रमों को फिर स्थगित कर दिया है या रोकने की तैयारी कर रहे हैं।

कांगो के तेंबा इलाके में वैक्सीनेशन के लिए जाते स्थानीय स्वास्थ्यकर्मी।

यूनिसेफ की चीफ इम्यूनाइजेशन (टीकाकरण प्रमुख) डॉ. रॉबिन नंदी ने न्यूयॉर्क टाइम्स से बातचीत में कहा कि कोविड-19 के प्रसार को कम करने के लिए विभिन्न प्रकार के टीकाकरण कार्यक्रम को थोड़े समय तक तो रोका जा सकता है, लेकिन लंबे समय तक नहीं। पढ़िए डॉ. नंदी से बातचीत के प्रमुख अंश...


1- कोरोना महामारी के बीच कई देशों में राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम स्थगित हो गया है, यह कितना उचित है?
डॉ. नंदी कहते हैं कि अमीर देशों में लोग प्राइवेट क्लीनिक में टीकाकरण करवा लेते हैं, लेकिन गरीब देश जो कि सरकारी संस्थानों पर आश्रित रहते हैं, वहां पर कोरोना के चलते समस्या पैदा हो गई है। कोविड-19 के बीच टीकाकरण कार्यक्रम को स्थगित करना उचित फैसला है, लेकिन यह लंबे समय तक हितकारी नहीं होगा। क्योंकि हम ऐसा देश नहीं चाहते, जो कोरोना के प्रकोप से तो उबर जाए पर बाद में खसरा (मीजेल्स) और डिप्थीरिया जैसी अन्य घातक बीमारियों के कोप से दोबारा जूझे।'


2- आपकी नजर में इसका कोई समाधान हो सकता है?
हमें कोरोना महामारी की भयावहता को स्वीकार करना होगा। ऐसे देश जहां पर मीजेल्स का खतरा ज्यादा है, वे डब्ल्यूएचओ द्वारा निर्देशित सुरक्षित टीकाकरण कार्यक्रमों को यथासंभव चला सकते हैं। इसके लिए चार्टर प्लेन या सीमित अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट के माध्यम से प्रभावित इलाकों में वैक्सीन और सीरिंज की शिपमेंट की योजना बनाई जा सकती है।


3- टीकाकरण पंजीकरण कितना कारगर साबित हो सकता है?
यह अच्छा विकल्प हो सकता है। अभी गरीब देशों में टीकाकरण पंजीकरण डेटा को संकलित करने में परेशानी आ रही है। पता नहीं चल पाता कि कितने लोग बाकी हैं या फिर टीकाकरण किस फेज में है। पंजीकरण डेटा संकलित होने से अभियानों पर नजर रखी जा सकती है। इससे उन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा सकती है, जहां पर बच्चे बेहत कमजोर या फिर बीमारी के प्रकोप की संभावना सबसे अधिक होगी।


4- इस समय दुनिया में खसरे की स्थिति क्या है?
कोरोना महामारी के फैलने से पहले ही कई देश मीजेल्स (खसरा) जैसी बीमारी से युद्ध ग्रस्त थे। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार 2017 में खसरा के 75 लाख 85 हजार 900 केस और एक लाख 24 हजार लोगों की मौत हुई। 2018 में 97 लाख 69 हजार 400 मामले एक लाख 42 हजार 300 मौतें हुईं। अमेरिका जहां खसरे का टीका 50 वर्षों से उपलब्ध है, यहां भी 2019 में 1,282 मामले सामने आए थे।


5- वर्तमान में किन-किन देशों में टीकाकरण कार्यक्रम स्थगित है?
ब्राजील, बांग्लादेश, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, दक्षिण सूडान, नाइजीरिया, यूक्रेन और कजाकिस्तान इस समय खसरे के प्रकोप से लड़ रहे हैं। यहां पर अभी टीकाकरण कायर्क्रम प्रभावित है, जबकि बोलीविया, चाड, चिली, कोलंबिया, जिबूती, डोमिनिकन गणराज्य, इथियोपिया, होंडुरास, लेबनान, नेपाल, पराग्वे, सोमालिया, दक्षिण सूडान और उज्बेकिस्तान समेत 14 देश जिन देशों ने अपने टीकाकरण कार्यक्रमों को स्थगित कर दिया है।




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ब्राजील के एक कैंप में खसरे का टीका लगवाता बच्चा।


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