ऑस्ट्रेलिया में कोविड-19 की दो वैक्सीन का परीक्षण शुरू, जानवरों के बाद इंसानों पर ट्रायल किया जाएगा

ऑस्ट्रेलिया की नेशनल साइंस एजेंसी के शोधकर्ताओं ने कोविड-19 कीदो वैक्सीन का परीक्षण शुरू कर दिया है। इसमें एक वैक्सीन को ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने विकसित किया है। दूसरी अमेरिकी कंपनी इनोविओ फार्मास्युटिकल्स ने तैयार की है। वैक्सीन का पहले जानवरों पर परीक्षण किया जाएगा। न्यूज एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, कॉमनवेल्थ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (सीएसआईआरओ) का कहना है कि वैक्सीन का पहला परीक्षण पूरी तरह से जानवरों पर आजमाया गया प्री-क्लिनिकल ट्रायल होगा। सीएसआईआरओ ने कहा है कि उसने जिलॉन्ग में ऑस्ट्रेलियन हेल्थ लेबोरेटरी (एएएचएल) में परीक्षण के पहले चरण की शुरुआत की है।

परीक्षण में तीन महीने लगेंगे
परीक्षणमें तीन महीने लगेंंगे। यह परीक्षण पहले फेर्रेट (गंधबिलाव- नेवले की प्रजाति का जानवर) पर किया जाएगा। ताकि पता चल सके कि दोनों टीके सुरक्षित और प्रभावी हैं या नहीं। सीएसआईआरओ के मुख्य कार्यकारी लैरी मार्शल ने कहा कि शोधकर्ता इस बीमारी से निपटने के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं। सीएसआईआरओ जनवरी से ही वैक्सीनबनाने वाले एक वैश्विक संगठन ‘कोलेशन फॉर इपिडेमिक प्रिपेयर्डनेस इनोवेशंस (सीईपीआई)’ के साथ मिलकर काम कर रहा है।

पूरी प्रक्रिया होने में 18 महीने लगेंगे
वैज्ञानिकों का कहना है कि जानवरों पर होने वाले परीक्षण के नतीजे जून की शुरुआत में आ सकते हैं। अगर यह नतीजे सही और मानकों पर सही उतरे तो तो वैक्सीन को क्लीनिकल ट्रायल के लिए भेजा जा सकता है। इसके बाद फिर रिजल्टस चेक किए जाएंगे। सभी मापदंडों पर खरा उतरने केे बाद इनको बाजार में लाने की प्रक्रिया तेज की जाएगी। हालांकि, इसमें लगभग 18 महीने यानी डेढ़ साल लग सकता है।



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वैज्ञानिकों का कहना है कि जानवरों पर होने वाले परीक्षण के नतीजे जून की शुरुआत में आ सकते हैं। इसके बाद क्लीनिकल ट्रायल शुरु होंगे। (प्रतीकात्मक चित्र)


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