34 साल पुराने जमीन संबंधी भ्रष्टाचार के  मामले में नवाज शरीफ के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी 

पाकिस्तान के भ्रष्टाचार रोधी निकाय ने पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के खिलाफ 34 साल पुराने जमीन संबंधी भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तारी का वारंट जारी किया है। पाकिस्तान मुस्लिम नवाज लीग के सुप्रीमो 70 साल के नवाज शरीफ इस समय लंदन में अपना इलाज करा रहे हैं।
नेशनल अकाउंटबिलिटी ब्यूरो (एनएबी) के अधिकारियों के मुताबिक शरीफ ने 1986 में पंजाब के मुख्यमंत्री रहते हुए जंग मीडिया ग्रुप के चीफ एडिटर मीर शकीलुर रहमान को अवैध रूप से जमीन का पट्टा दिया था। एनएबी ने अधिकारी ने एक न्यूज एजेंसी को बताया कि तीन बार के प्रधानमंत्री रहे शरीफ पर भ्रष्टाचार के कई मामले चल रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘एनएबी ने शरीफ को इससे पहले कई नोटिस जारी कर सवाल पूछे गए, लेकिन लंदन में मौजूद शरीफ ने कोई जवाब नहीं दिया।’’ अधिकारी ने बताया कि एनएबी जांच में असहयोग करने पर शरीफ को भगोड़ा अपराधी घोषित कराने के लिए जवाबदेही अदालत जाएगी। डॉन की खबर के अनुसार 27 मार्च को एनएबी ने शरीफ को एक नोटिस भेजा था और 31 मार्च को ब्यूरो ऑफिस आकर जवाब देने के लिए कहा था। इससे पहले 20 और 15 मार्च को भी शरीफ को नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।

जंग ग्रुप को जियो ग्रुप के नाम से भी जाना जाता है। यह दुबई स्थित इंडिपेंडेंट मीडिया कॉर्पोरेशन की सहायक कंपनी है। 12 मार्च को एनएबी ने प्रधान संपादक रहमान को गिरफ्तार किया था। वह 28 अप्रैल तक हिरासत में है। जियो मीडिया ग्रुप के चीफ एडिटर रहमान पर आरोप है कि उन्होंने 1986 में लाहौर में 6.75 एकड़ जमीन पर गैरकानूनी तरीके से हथियाई थी। इस समय पंजाब के मुख्यमंत्री नवाज शरीफ थे। अधिकारियों ने कहा, ‘‘जब शरीफ को भगोड़ा अपराधी घोषित कर दिया जाएगा, तब हम प्रत्यर्पण की कार्रवाई शुरू करेंगे।’’

पिछले साल नवंबर में लंदन गए थे शरीफ
नवाफ शरीफ पिछले साल नवंबर में इलाज कराने के लिए लंदन गए थे। लाहौर हाईकोर्ट ने उन्हें केवल चार हफ्तों की इजाजत दी थी। शरीफ के फिजीशियन डॉ. अदनान खान के मुताबिक शरीफ गंभीर कोरोनरी आर्टरी डिसीज से जूझ रहे हैं। इसकी वजह से उनकी सर्जरी चल रही हैं। अपने हालिया ट्वीट में उन्होंने कहा कि कोरोनावायरस महामारी के चलते अभी उनका पूरा इलाज नहीं हो सका है।


नवाज से खिलाफ पहले से चल रहे इतने मामले
पनामा पेपर्स में नाम आने के बाद से नवाज शरीफ भ्रष्टाचार के मामलों में फंसते चले गए। 2017 में जुलाई के महीने में सुप्रीम कोर्ट ने उनके खिलाफ फैसला दिया। उन्हें प्रधानमंत्री पद से हटा दिया और अकाउंटिबिलिटी अथॉरिटीज को उनके खिलाफ केस चलाने को भी अनुमित दे दी। नवाज के खिलाफ तीन मामले चलाए गए। इसमें पहला है ऐवनफील्ड प्रॉपर्टीज, दूसरा अल-अजीजिया और तीसरा है फ्लैगशिप इन्वेस्टमेंट। सितंबर 2017 में एनएबी ने नवाज शरीफ और उनके परिवार के खिलाफ केस फाइल किए थे।



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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ। (फाइल)


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