सीरिया के आफरीन जिले में फ्यूल ट्रक में बम लगाकर किया विस्फोट, 36 की जान गई

उत्तरी सीरिया के आफरीन जिले में मंगलवार को फ्यूल ट्रक में बम लगाकर किए गए विस्फोट में 36 लोगों की मौत हो गई। इस हमले में तुर्की से समर्थन प्राप्त छह विद्रोही लड़ाके भी मारे गए हैं। एक वार मानीटर ने इसकी जानकारी दी है।

ब्रिटेन स्थित सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स के हेड रामी अब्दुल रहमान ने कहा, ‘‘आफरीन शहर में मार्केट में फ्यूल ट्रक में बम लगाकर किए गए धमाके में कम से कम 36 लोग मारे गए और 40 लोग घायल हुए हैं।’’ उन्होंने कहा कि मौतों का आंकड़ा बढ़ भी सकता है, क्योंकि कई घायलों की हालत चिंताजनक है।अभी यह नहीं पता चला है कि इस हमले के पीछे किसका हाथ है।

तुर्की ने कहा- हमले के पीछे कुर्द

आफरीन शहर को तुर्की के सैनिकों और उनके सहयोगी विद्रोहियों ने मार्च 2018 में दो महीने तक हवाई और जमीनी हमले के बाद कुर्दलड़ाकों से छीन लिया था।तुर्की की डिफेंस मिनिस्ट्री ने इस हमले के पीछे कुर्दलड़ाकों के पीपल प्रोटेक्शन यूनिट (वाईपीजी) को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी (पीकेके) की इस शाखा ने ही हमले के अंजाम दिया है।तुर्की के मंत्रालय ने ट्वीट कर कहा, ‘‘ मानवता के दुश्मन पीकेके/वाईपीजी ने एक बार फिर आफरीन के निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाया है।’’

सीरिया में गृहयुद्ध में जा चुकी है तीन लाख 80 हजार लोगों की जान

पीकेके पिछले तीन दशकों से यहां खूनी विद्रोह कर रहा है। जनवरी में सीरिया के दूसरे उत्तरी शहर में एक कार बम विस्फोट में सात लोगों की मौत हो गई। यह शहर भी तुर्की समर्थित विद्रोहियों के कब्जे में है। सिरिया में चल रहे गृहयुद्ध में 2011 से अब तीन लाख 80 हजार लोगों की जान जा चुकी है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
ट्रक बम धमाके के बाद आग बुझाते सीरिया सिविल डिफेंस के दमकलकर्मी।


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3bLXHub

Comments

Popular posts from this blog

ट्रम्प की लोकप्रियता बढ़ रही; बिडेन 43% लोगों की पसंद तो ट्रम्प को 40% लोगों का साथ, जुलाई में यह अंतर 7% से ज्यादा था

ट्रम्प मेक अमेरिका ग्रेट अगेन के नारे के साथ इस साल चुनाव जीतना चाहते हैं, जिनपिंग चीन की इमेज सुधारने की कोशिश में हैं

इटली में लाॅकडाउन पालन कराने के लिए 8000 मेयर ने मोर्चा संभाला; सड़काें पर उतरे, फेसबुक से समझाया फिर भी नहीं माने ताे ड्राेन से अपमान