बांग्लादेश ने दो महीने से समुद्र में तैर रही नाव से भूख से जूझ रहे 382 रोहिंग्याओं को बचाया, 30 की हो गई थी मौत

बांग्लादेश के कोस्टगार्ड ने समुद्र में एक बड़ी नाव में मौजूद 382 भूखे रोहिंग्याओं को बचाया है। ये रोहिंग्या पिछले दो महीनों से समुद्र में ही तैर रहे थे। प्रवक्ता शाह जिया रहमान ने बताया कि एक गश्ती दल ने तीन दिन तक खोज अभियान चलाया था। इसके बाद उन्हें एक नाव मिली जिसमें 382 रोहिंग्या सवार थे। नाव को तकनाफ के तट पर लाया गया। नाव में सवार सभी रोहिंग्या भूखे थे। साथ ही नाव में 30 लोगों की मौत भी हो गई थी। रहमान ने बताया कि नाव करीब 58 दिनों से समुद्र में तैर रही थी और पिछले एक हफ्ते से वह बांग्लादेश के जल क्षेत्र में थी।
एक लोकल रिपोर्टर ने इस नाव का एक वीडियो भी फेसबुक में पोस्ट किया है, इसमें देखा जा सकता है कि नाव में ज्यादातर महिलाओं और बच्चों की भीड़ दिखाई दे रही है। लोग बड़ी मुश्किल से इसमें खड़े हो पा रहे हैं। ढाका के एक अखबार में दावा किया गया है कि

बांग्लादेश से मलेशिया के लिए निकले थे शरणार्थी
ढाका के लोकल अखबार के ये रोंहिग्या बांग्लादेश के शरणार्थी शिविरों में रुके थे। वे मलेशिया जाने के लिए निकल गए थे, लेकिन कोरोनावायरस के कारण लॉकडाउन के चलते उन्हें वहां प्रवेश करने की अनुमति नहीं मिली और ना ही ये लोग कहीं और जा सके तो बांग्लादेश वापस लौट आए। अधिकारियों ने बताया कि सभी को शरणार्थी शिविरों में अलग रखा गया है। उनके कोरोना संक्रमित होने की भी आशंका है।

बांग्लादेश में मौजूद हैं 10 लाख रोहिंग्या शरणार्थी
म्यामार से भागकर आए 10 लाख रोहिंग्या शरणार्थी बांग्लादेश के शरणार्थी शिविरों में मौजूद हैं। नौकरी के बेहतर अवसर, शिक्षा के लिए हजारों शरणार्थी मलेशिया और थाईलैंड जाने की कोशिश करते रहते हैं।



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तकनाफ में मौजूद रोहिंग्या शरणार्थी। बांग्लादेशी कोस्टगार्ड ने इन्हें बचाकर तकनाफ में ही रखा है।


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