कोरोना से लड़ाई के लिए भारतीय-अमेरिकी अधिकारियों ने 4 करोड़ 55 लाख रुपए जुटाए, चलो गिव अभियान शुरू किया

भारत और अमेरिका के टाॅप कॉर्पोेरेट अधिकारियों ने कोरोनावायरस से लड़ाई में सहयोग के लिए ‘चलो गिव’ ऑनलाइन कैम्पेन शुरू किया है। इसके तहत 6 लाख डॉलर यानि 4 करोड़ 55 लाख रुपए जुटाए लिए गए हैं। यह राशि भारत और अमेरिका में कोरोना महामारी के कारण जरूरतमंदों की मदद के लिए जुटाई गई है। चलो गिव के तहत 5 लाख डॉलर की राशि के बाद शुक्रवार को शुरू हुए ऑनलाइन कैम्पेन के लिए एक लाख डॉलर और जुटाए गए।

इस बारे में पेप्सिको की पूर्व सीईओ इंद्रा नुई ने कहा, ‘‘इस महामारी ने पहले से भूखे लोगों के सामने खाने का संकट और बढ़ा दिया है। इस पल हमें अपने समाज, परिवार और समुदाय के लिए आगे आना चाहिए। हमें सिर्फ अभी के लिए नहीं बल्कि भविष्य के लिए भी तैयार रहना होगा। भारत और अमेरिका में सबसे बड़ी चुनौती भूख से निपटना है।’’

पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी के दौरान चलाे गिव अभियान का भारतीय-अमेरिकी प्रवासी समर्थन कर रहे हैं।

यह प्रवासी भारतियों को एक करने का अवसर है
इस अभियान के प्रमुख दानदाता सिलिकन वैली स्थित सीरियल एंत्रेप्रेन्योर और वेंचर कैपिटलिस्ट व इंडियास्पोरा के फाउंडर्स सर्कल मेंबर आनंद राजारमन और उनकी पत्नी कौशि एडिसेशन ने कहा, "‘कोरोनावायरस के कारण हमें एक विकट स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। इस महामारी को रोकने के लिए दुनिया भर में विशेष कदम उठाए गए हैं। इससे भारत और अमेरिकी समाज के कमजोर वर्गों के लिए विशेष चुनौतियां का सामना करना पड़ा है। यह प्रवासी भारतियों को एक करने का अवसर है। जिससे कि लोगाें की मदद की जा सके।’’

यह समय लोगों की मदद करने का है
मैसाचुसेट्स जनरल अस्पताल में इंडियास्पोरा बोर्ड की सदस्य और फिजिशियन सेजल हेथी ने कहा, ‘‘सभी की आंखें अस्पतालों पर लगी हैं। पूरी दुनिया में पहले से गरीबी से परेशान लोगों को इस महामारी ने और संकट में धकेल दिया है। ऐसे समय में भारतीयों मूल के लोगों को एक समुदाय की तरह एक साथ आने की और जरूरतमंदों को खाना उपलब्ध कराने की अब ज्यादा जरूरत है। यह समय संकट से गुजरने वाले और हाशिए पर पड़े लोगों की मदद करने का है।’’

एक-दूसरे की मदद से मिसाल पेश कर सकते हैं
एक्सिलोर वेंचर्स के चेयरमैन और आईटी सर्विसेज कंपनी इन्फोसिस के संस्थापक क्रिस गोपालकृष्णन ने कहा, ‘"इस संकट ने पहले से मुश्किलें उठा रहे लोगों के लिए जिंदा रहने के लिए और भी परेशानियां खड़ी कर दी हैं। जिस तेज दुनिया में हम रह रहे हैं, उसे देखते हुए भारत और उसके प्रवासी एक-दूसरे की मदद से अनोखी और शक्तिशाली मिसाल पेश कर सकते हैं।’’

गर्व से अभियान का समर्थन करता हूं
पूर्व अमेरिकी सर्जन जनरल डॉ विवेक मूर्ति ने कहा, ‘‘पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी के दौरान यह आवश्वयक है कि कमजोर वर्ग तक भोजन पहुंचाया जाए, क्योंकि यही आबादी अभी सबसे अधिक जोखिम में हैं। उन्होंने कहा, मैं गर्व से इस अभियान का समर्थन करता हूं। इस अभियान का प्रभाव भी दूर तक होगा।’’

रोहिणी और नंदन नीलेकणी और नंदिता दास ने किया समर्थन
भारत में रोहिणी और नंदन नीलेकणी, बॉलीवुड अभिनेत्री नंदिता दास ने भी अभियान के लिए अपना समर्थन दिया है और खाद्य असुरक्षा से जूझ रहे लोगों को राहत देने की बात कही है। रोहिणी निलेकणी ने कहा, ‘‘गूंज एक ऐसा संगठन है जिस पर हम स्वास्थ्य और आजीविका के दोहरे संकट के दौर में भरोसा कर सकते हैं। इसके पास अपने हर हितधारक की गरिमा को बनाए रखते हुए सबसे अधिक संवेदनशील सेवा करने का सालों का अनुभव है। एक बार फिर ऐसा समय आया है जब आपदाओं के बीच इसे बेहतर प्रदर्शन करना है। हम कई सालों से गूंज को सपोर्ट कर रहे हैं।’’

अवसर मिला यह खुशी की बात
गूंज संस्थापक और एक मैग्सेसे अवार्डी अंशु गुप्ता ने कहा, ‘‘आपदाओं के लिए काम करने के अनुभव के बाद भी छोटे और मझोले आकार की आपदाओं के लिए संसाधन जुटाने में काफी पूछपरख करनी पड़ती है। इस महामारी के लिए भारतीय-अमेरिकी इंडियास्पोरा के साथ काम करने के लिए अवसर मिला है, यह हमारे के लिए खुशी की बात है।’’

चलो गिव अभियान के आभारी है
फीडिंग अमेरिका के सीईओ क्लेयर बेबिनॉ-फोंटेनोट ने कहा, ‘‘देश और हमारे फूड बैंक नेटवर्क को संगठन के इतिहास में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। हम वास्तव में कोविड-19 के लिए चलो गिव अभियान के माध्यम से अमेरिका को खिलाने के अपने समर्थन के लिए इंडिस्पोरा के आभारी हैं। अनिश्चितता के इस समय के दौर में यह प्रयास पूरे अमेरिका के अनगिनत परिवारों के लिए खाना की जरूरत पूरी कर सकेगा।’’



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चलो गिव के तहत 5 लाख डॉलर की राशि के बाद शुक्रवार को शुरू हुए ऑनलाइन कैम्पेन के लिए एक लाख डॉलर और जुटाए गए।


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