थाइलैंड के हाथियों को 44 साल बाद बोझ से आजादी, पीठ पर भारी कैरिज लादकर पर्यटकों को नहीं करानी होगी सवारी

दुनिया के लिए मुसीबत लाने वाला कोरोना थाइलैंड में हाथियों के लिए आजादी का पैगाम लाया है। यहां चियांग माई कैंप में पिछले 44 साल से पर्यटकों को एलिफेंट सफारी कराई जाती थी। इसके लिए हर दिन हाथियों की पीठ पर लकड़ी और लोहे से बने भारी कैरिज बांधे जाते थे। लेकिन, कोरोनावायरस की वजह से कैंप बंद होने पर पहली बार हाथी इस बोझ के बगैर घूमते नजर आए।

प्रशासन ने तय किया है कि जब कैंप को दोबारा खोला जाएगा, तो पर्यटकों को हाथी की सवारी नहीं कराई जाएगी। इसके बजाय, वे खुले जंगल में घूमते हाथियों को देखने आ सकेंगे। प्रशासन ने हाथियों के लिए बनाए गए सभी कैरिज भी नष्ट करने का फैसला किया है।

पहले हाथियों को पीठ पर भारी-भरकम बोझ लादना पड़ता था
थाइलैंड के इस पार्क में लोग हाथियों के साथ वक्त बिताने के लिए आते हैं। वे यहां हाथियों को नहलाने और खाना खिलाने जैसे काम भी कर सकते हैं। इसके साथ ही एलिफेंट सफारी भी यहां का प्रमुख आकर्षण है। इसके लिए, पिछले44 सालसे माइसा रेंज में मौजूद हाथियों को अपनी पीठ पर भारी-भरकर कैरिजलादना पड़ते हैं, जिन पर पर्यटक बैठकर जंगल सफारी का आनंद लेते हैं।

अब पर्यटक हाथियों को खुले में घूमते देख सकेंगे
हाथी अब आजाद हैं। वे मैदान में बिना किसी बोझ के घूम सकते हैं। हालांकि, यह स्थान अभी भी लोगों के लिए खुला हुआ है। बस, अब यहां पर्यटक जानवरों की सवारी नहीं कर पाएंगे। मगर यह जरूर देख सकेंगे कि आखिर खुले माहौल में जानवर कैसे रहते हैं।



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यह थाइलैंड के चियांग माई कैंप की फरवरी में ली गई तस्वीर है। एलिफेंट सफारी के लिए हाथियों की पीठ पर भारी कैरिज रखा जाता था, जिसमें लोग बैठते थे। अब इसे बंद कर दिया गया है।


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