भारत के बाद पाकिस्तान में भी तब्लीगी जमात ने संक्रमण फैलाया, सरकार के विरोध के बावजूद वार्षिक सम्मेलन का आयोजन किया था

भारत और मलेशिया के बाद पाकिस्तान में भी तब्लीगी जमात के सदस्यों की कोरोना फैलाने के लिए आलोचना की जा रही है। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक पंजाब सरकार ने इसका कड़ा विरोध के बावजूद जमात ने 10 मार्च को सालाना सम्मेलन किया था। इसका आयोजन पाकिस्तान के पंजाब प्रांत स्थित राइविंड मरकज में हुआ था। इसमें शामिल 404 लोग जांच के बाद संक्रमित मिले हैं। पूरे पाकिस्तान मेंअब तक यहां539 जमाती संक्रमित पाए गए हैं। इससे पहले भारत में भी जमात ने दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज में ऐसा ही आयोजन किया था। इसके बाद 2000 से ज्यादाजमाती अब तक संक्रमित मिल चुके हैं।

आयोजन में करीब 3 हजार लोग 40 देशों से पहुंचे थे। पाकिस्तान सरकार के संक्रमण रोकने के लिए सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ाने रोकने के बाद यह अपने देश नहीं लौट सके। माना जा रहा है कि इन्हीं लोगों के कारण संक्रमण बड़े पैमाने पर फैला। पंजाब प्रांत की विशेष शाखा के मुताबिक, इसमें करीब 70 से 80 हजार लोग शामिल हुए थे। हालांकि जमात प्रबंधन इसमें 2 लाख 50 हजार लोगों के शामिल होने का दावा कर रहा है।

पाकिस्तान में 4 हजार से ज्यादा संक्रमित

अबतक पाकिस्तान में 4196 संक्रमित मिले हैं और 60 लोगों की मौत हो चुकी है। जमात के सैंकड़ों सदस्यों के पॉजिटिव मिलने के बाद राइविंड शहर को पूरी तरह से लॉकडाउन कर दिया गया। पंजाब प्रांत के 36 जिलों में 10 हजार 263 लोगोंको क्वारैंटाइन किया गया है। जमात के आयोजन में शामिल हुए लोगों को ट्रेेस किया जा रहा है।

शीर्ष अधिकारियों को देना पड़ा दखल

सरकार के निर्देश के बाद भी जब जमात ने कार्यक्रम रद्द नहीं किया तो शीर्ष अधिकारियों को दखल देना पड़ा। लाहौर के पुलिस अधिकारी जुल्फीकार हमीद ने जमात के पदाधिकारियों से बात की। लाहौर डिविजन के कमिश्नर और डीआईजी ने मरकज का दौरा किया और वहां के अधिकारियों से बात की। इसके बाद 6 दिनों के इस आयोजन को घटाकर तीन दिन का कर दिया गया।

स्वास्थ्य विभाग ने जमात के रवैये की आलोचना की

स्वास्थ्य विभागके अधिकारियों ने जमात को संक्रमण के मामले बढ़ने के लिए जिम्मेदार ठहराया है। विभाग की अधिकारी यास्मीन राशिद ने कहा कि जमात के सदस्यों ने विभाग के निर्देशों को नहीं माना और सहयोग नहीं किया। इस वजह से संक्रमितों की संख्या अचानक बढ़ गई। अब तक जमात के जिन सदस्यों को क्वारैंटाइन किया गया है, उनकी जांच की जा रही है। ऐसी आशंका है कि इनमें से 35 से 40 प्रतिशत संक्रमित हो सकते हैं।

दिल्ली में 1 से 15 मार्च तक हुआ था जमात का कार्यक्रम

दिल्ली के निजामुद्दीनमरकज में 1 से 15 मार्च के बीच हुए कार्यक्रम में देश-विदेश के 5 हजार से ज्यादा लोग शामिल हुए थे। लेकिन, इसके बाद भी करीब 2000 से ज्यादा लोग यहां रुके रहे, जबकि ज्यादातर लॉकडाउन से पहले अपने घरों को लौट गए। यहां से संक्रमण का कनेक्शन भारत के दिल्ली समेत 22 राज्यों से जुड़ा था। इनमें तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, असम, उत्तरप्रदेश, तेलंगाना, पुडुचेरी, कर्नाटक, अंडमान निकोबार, आंध्रप्रदेश, श्रीनगर, दिल्ली, ओडिशा, प.बंगाल, हिमाचल, राजस्थान, गुजरात, मेघालय, मणिपुर, बिहार, केरल और छत्तीसगढ़ शामिल है। अब लगातार इन राज्यों से इनके संक्रमण से जुड़े मामले सामने आ रहे हैं।



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यह तस्वीर लाहौर के राइविंड मरकज से बाहर निकाले गए जमातियों की है। यहां पर 10 मार्च को 70 से 80 हजार लोग कार्यक्रम में शामिल हुए थे। अब उनकी पहचान कर उन्हें क्वारैंटाइन किया जा रहा है।-फाइल फोटो


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