डॉक्टरों ने पीपीई किट की मांग को लेकर बिना कपड़ों के प्रदर्शन किया, कहा- नग्नता इस बात का प्रतीक है कि हम बिना सुरक्षा के कितने कमजोर हैं

कोरोनावायरस के खिलाफ लड़ाई में पूरी दुनिया के डॉक्टर्स जुटे हुए हैं। उधर, जर्मनी के डॉक्टरों के एक ग्रुप ने पीपीई किट की कमी पर ध्यान खिंचने के लिए बिना कपड़ों के प्रदर्शन किया। डॉक्टर्स ने इस प्रोटेस्ट को‘ब्लैंकेबेडेनकेन’ नाम दिया है। ग्रुप के सदस्योंका कहना है कि बिना सुरक्षा किट के महामारी में उन्हेंखतरा महसूस होता है।

उन्होंने कहा कि पहले भी कई बार सरकार को पीपीई किट की कमी को लेकर सूचित किया जा चुका है। लेकिन अभी तक इसके लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। ग्रुप से जुड़े रुबेन बरनाउ ने कहा कि उनकी टीम के पास पर्याप्त सुरक्षा किट नहीं हैं। नग्नता इस बात का प्रतीक है कि हम बिना सुरक्षा के कितने कमजोर हैं।

महिला डॉक्टर ने टायलेट पेपर को आगे रखकर फोटो खिंचवाया है। डॉक्टर का कहना है कि उनकी प्रैक्टिस टीम बिना मेडिकल इक्यूपमेंट के ही काम कर रही है।

यह प्रदर्शन फ्रांस के डॉक्टर से प्रेरित

डॉक्टर्स तस्वीरों में टायलेट रोल, फाइलों और मेडिकल उपकरण के पीछे बिना कपड़ों में नजर आ रहे हैं। इसमें शामिल डॉ. क्रिस्चियन रेक्टेनवल्ड ने कहा कि हमारा ग्रुप एक फ्रांसीसी डॉक्टर एलेन कोसेमी (61) से प्रेरित था। उन्होंने भी नग्न होकर प्रोटेक्टिव इक्यूपमेंट की कमी को लेकर प्रदर्शन किया था। उनकी तस्वीरें 22 मार्च को सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं।

डॉक्टर्स का कहना है कि उनका प्रोटेस्ट फ्रांस के डॉक्टर से प्रेरित था। उन्होंने भी पीपीई किट की कमी को लेकरैसे ही प्रदर्शन किया था।

जर्मन कंपनियां मांग पूरा करने में असमर्थ

जर्मनी के डॉक्टर जनवरी से ही और पीपीई किट के लिए मांग कर रहे हैं। सुरक्षा किट बनाने वाली जर्मन फर्मों ने अपनी उत्पादन क्षमता को बढ़ा दिया है। इसके बावजूद वे मांग को पूरा करने में असमर्थ हैं। कंपनियों का कहना है कि क्लीनिकों, केयर होम्स से लगातार मास्क, चश्मे, गलव्स और एप्रन की मांग की जा रही है। उनकी जरूरतों को ही मुश्किल से पूरा किया जा रहा है।

जर्मनी में क्लीनिकों, केयर होम्स में भी गलव्स और मास्क की मांग काफी बढ़ गई है। कंपनियां ज्यादा उत्पादन करने में असमर्थ हैं।

जर्मनी में 6 हजार से ज्यादा मौतें

मेडिकल स्टाफ ने अस्पतालों से डिसिन्फेक्टेंट (रोगाणुनाशक) और मास्क की चोरी की भी रिपोर्ट की है। इसके लिए पुलिस ने कुछ आपराधिक गिरोह को दोषी ठहराया है। कई अस्पतालों ने अपनी सुरक्षा बढ़ा दी है। देश में अब तक एक लाख 58 हजार 758 लोग संक्रमित हैं, जबकि 6126 की मौत हो चुकी है।



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डॉक्टर ने गले में केवल स्टेथेस्कोप लिए फोटो खिंचवाई है।


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