किम जोंग उन अपने दादा की जयंती पर पहली बार नहीं पहुंचे, विशेषज्ञ बोले- वे खुद को मॉडर्न नेता साबित करने की कोशिश में

उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन के दादा किम इल सुंग की जयंती बुधवार कोमनाई गई,हालांकि, पहली बारकिम जोंग उन इस समारोह में शामिल नहीं हुए। दुनियाभर में किम के इस कदम को लेकर कईअनुमान लगाएजा रहेहैं।विशेषज्ञोंकहना है कि वे यह साबित करना चाहते हैं कि उनका महत्वविरासत से ज्यादा है। साथ ही वे पारंपरिक कार्यक्रमों में हिस्सा न लेकर खुद को मॉडर्न भी साबित करना चाहते हैं। किमदिखना चाहते हैं कि वे अपने पूर्वजों की तरह नहीं हैं।

15 अप्रैल को उत्तर कोरिया के संस्थापक किम इल सुंग की जयंती मनाई जाती है। यहउत्तर कोरिया का सबसे महत्वपूर्ण समारोह है। इस दिन को ‘डे ऑफ सन’ के नाम से भी जाना जाता है। उत्तर कोरिया के लोगों को जन्म से ही किम इल सुंग और उनके बेटे किम जोंग इल का सम्मान करना सिखाया जाता है। न्यूज एजेंसी केसीएन ने गुरुवार को कुमसुसन पैलेस में किम इल सुंग को श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों की लिस्ट में किम जोंग उन का नाम न होने की जानकारी दी।उत्तर कोरिया के अखबार में ‘रोडोंग सिनमुन’ में समारोह से जुड़ी तस्वीरें छापी गई हैं। इसमें भी किम की समारोह में मौजूदगी की तस्वीर नहीं दिखीहै। हालांकि, वहां पर किम के नाम का फूलों का गुलदस्ता मौजूद था। 2011 में सत्ता में आने के बाद किम हमेशा से इस मौके पर श्रद्धांजलिअर्पित करने जाते रहे हैं।

अमेरिकी विशेषज्ञ ने कहा- किम नया ढोंग कर रहे

अमेरिकी सरकार के पूर्व उत्तर कोरिया विशेषज्ञ रचेल ली ने कहा, ‘‘किम जोंग उन एक नया ढोंग रच रहे हैं कि वह अपने दादा और पिता की विरासत से दूरी बनाकर चल रहे हैं। इसके जरिये वह अपनी उपलब्धियों को अधिक महत्वदेना चाहतेहैं।’’सियोल में रह रहे उत्तरकोरिया से भागकर आए एन चन-इल ने बताया, ‘‘किम जोंग उन पारंपरिक कार्यक्रमों और अतीत के दोनों नेताओं से खुद कोअलग साबित करना चाहते हैं। वे दिखाना चाहते हैं कि किम जोंग इल और किम इल सुंग का समय चला गया । वे उत्तर कोरिया को एक सामान्य देश के रूप में दिखाना चाहते हैं, इसलिएअपने दिवंगत नेताओं को कम महत्व दे रहे हैं।’’

दादा कीछवि दिखाने का दिखावाहोता रहा है
हालांकि, इससे पहले उत्तर कोरिया में सत्तारूढ़ पार्टी की ओर से यह दिखावा किया जाता रहा है कि किम बिल्कुल अपने महान दादा किम इलसुंग की तरह हैं। वह दिखने में, व्यवहार से बिल्कुल उन जैसे हैं। यहां तक की उनकी हैंड राइटिंगभी अपने दादा से बिल्कुल मिलतीहै।

किम के कार्यकाल में चार परमाणु परीक्षण हुए
उत्तर कोरिया में अभी तक छह परमाणु परीक्षण हुए हैं, इसमें चार किम जोंग उन के कार्यकाल में ही हुए हैं। इसके साथ ही उत्तर कोरिया में ऐसी मिसाइलें विकसित की जा रही हैं, जिनकी पहुंच पूरे अमेरिका तक है। इसके चलते यूएन की सिक्युरिटी काउंसिल की ओर से उत्तर कोरिया पर कई प्रतिबंध भी लगाएगए हैं। इसके साथ ही उत्तर कोरिया और अमेरिका से रिश्तों में नरमी लाने के लिए2018 से किमडोनाल्ड ट्रंप और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे इन के साथ कई बैठकें भी कर चुके हैं।



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उत्तर कोरिया के संस्थापक किम इल सुंग की जयंती के मौके पर प्योंगयांग में किम इल सुंग और किम जोंग इल के स्टैच्यू के सामने सर झुकाते लोग। इस दिन को ‘डे ऑफ सन’ के नाम से जाना जाता है।


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