इमरान सरकार मौलवियों की मनमानी से परेशान, मनाही के बावजूद समूहों में की जा रही नमाज; सरकार कार्रवाई तक नहीं कर पा रही

पाकिस्तान में कोरोनावायरस के बढ़ते संक्रमण के साथ-साथ सरकार को मौलवियों की मनमानी से भी जूझना पड़ रहा है। मौलवी लगातार समूह में नमाजकरवा रहे हैं। ऐसे में इमरान सरकार के सामने संकट है कि अगर इन मौलवियों परकार्रवाई करती है तो उसे कट्‌टरपंथी मौलवियों का समर्थन मिलना बंद हो जाएगा और अगर ये ऐसे ही चलता रहा तो संक्रमण के मामलों को रोकना मुश्किल हो जाएगा।


कोरोनावायरस ने पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर भी गहरा असर डाला है।

संक्रमण के तेजी से बढ़ते मामले सरकार की चिंता का कारण

यहां पहले से ही मेडिकल इक्विपमेंट और दवाओं की भारी कमी है। ऐसे में संक्रमण के तेजी से बढ़ते मामले इमरान सरकार की चिंता और बढ़ा रहे हैं। सरकार के सामने सबसे बड़ी बाधा मौलवियों को मस्जिदों में सामूहिक इबादत से रोकने के लिए राजी करना है। राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने शुक्रवार को जमात-ए-इस्लामी प्रमुख सिराजुल हक, जमात उलेमा-ए-इस्लाम-फज्ल प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान, मरकजी जमात अहले हदीस प्रमुख साजिद मीर और पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज नेता राना तनवीर हुसैन से इस मामले पर बात भी की है।

इमरान धार्मिक नेताओं से मुलाकात कर सकते हैं

प्रधानमंत्री इमरान खान के भी इस मामले पर धार्मिक नेताओं से मुलाकात करने की संभावना है। अभी तक तबलीगी जमात ने सहयोग का वादा किया है और उसके प्रमुख मौलाना नजरुर रहमान ने अपने अनुयायियों से रमजान में सरकार के निर्देशों को मानने की अपील की है। धार्मिक मामलों के मंत्री पीर नूरुल हक कादरी ने भी मौलवियों से कोरोनावायरस को हराने के लिए सरकार के निर्देशों को मानने के लिए कहा है।

मौलवियों के आगे बेबस है इमरान सरकार
मुनीबुर रहमान और मुफ्ती तकी उस्मानी के नेतृत्व वाले कट्‌टरपंथी मौलवियों के एक समूह ने कहा है कि ये मौलवी ही तय करेंगें कि मस्जिदें खुलेंगी की नहीं, सरकार इसमें कोई हस्ताक्षेप न करे। बीते शुक्रवार को जुमा की नमाज के चलते मौलवियों ने सरकार के दिशा-निर्देशों की धज्जियां उड़ा दीं। इससे पहले वाले शुक्रवार को नमाजियों और पुलिस में हाथापाई भी हो गई थी। वहीं, मौलाना अब्दुल अजिज ने सरकार के साथ सहयोग करने से मना कर दिया है। वह धार्मिक मामलों के मंत्रालय के स्वामित्व वाली मस्जिद के मौलवी हैं। इसके बावजूद सरकार उनको पद से नहीं हटा पा रही है।

कालाबाजारी रोकने के लिए जासूसी एजेंसियों की मदद ली जाएगी
पाकिस्तान में लॉकडाउन के दौरान जरूरी वस्तुओं की कालाबाजारी रोकने के लिए अब जासूसी एजेंसियों की मदद ली जाएगी। पीएम इमरान खान ने एनफोर्समेंट एजेंसियों को निर्देश दिया है कि वो ऐसे दुकानदारों के खिलाफ सख्त कदम उठाए, जो कोरोना वायरस के दौरान लॉकडाउन के समय में ऐसी वस्तुओं की जमाखोरी कर रहे हैं। उन्होंने ऐसे दुकानदारों का पता लगाने के लिए देश की जासूसी एजेंसियों की भी मदद लेने के लिए कहा है। इमरान खान ने एक बैठक के दौरान कहा कि आवश्यक वस्तुओं की तस्करी और कालाबाजारी में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

पाकिस्तान में 7481 संक्रमित
पाकिस्तान में शनिवार को कोरोनावायरस के 465 नए मरीज आने के साथ ही संक्रमितों की संख्या बढ़कर 7,481 हो गई। अब तक 143 लोगों की मौत हो चुकी है और 1,832 मरीज ठीक हुए हैं। यहां के सबसे बड़े प्रांत पंजाब में 3,391 मामले, सिंध में 2,217, खैबर पख्तूनख्वा में 1,077, बलूचिस्तान में 335, गिलगित-बाल्टिस्तान में 250, इस्लामाबाद में 163 और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में 48 मामले सामने आए।



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पाकिस्तान के कराची में एक मस्जिद के बाहर लोगों को रोकने के लिए खड़े पुलिस अधिकारी।


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