अब खिलाड़ियों का वर्चुअल तरीके से हो रहा डोप टेस्ट, अमेरिका की एंटी डोपिंग एजेंसी ऑनलाइन सैम्पल ले रही

मैथ्यू फटरमेन.अमेरिकी एंटी डोपिंग एजेंसी (यूएसएडीए) दो हफ्ते से अपने खिलाड़ियोंका डोप टेस्ट कर रही है और वो भी ऑनलाइन। कोरोनावायरसके कारण एंटी डोपिंग अधिकारी खिलाड़ियों से मिलकर यूरिन और ब्लड सैंपल नहीं ले पा रहे। इसलिए यूएसएडीए ने ऑनलाइन डोप टेस्ट करने का यह प्रयोग शुरू किया है। डोपिंग कंट्रोल अधिकारी फोन और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपना काम कर रहे हैं।

यूएसएडीए के चीफ एग्जीक्यूटिव ट्रेविस टायगार्ट ने कहा-अभी तक ओलिंपिक चैंपियन कैटी लेडेकी, वर्ल्ड चैंपियन नोआह लाएल्स, एलिसन फेलिक्स, एमा कोबर्न सहित दर्जन भर खिलाड़ियों का ऑनलाइन सैंपल लिया जा चुका है। इसमें वे खिलाड़ी भी शामिल हैं, जो टोक्यो ओलिंपिक में मेडल की उम्मीद हैं।

सैम्पल कलेक्शन के लिए वीडियो लिंक भेजी जाती है

सैंपल कलेक्शन के लिए खिलाड़ी को वीडियो लिंक भेजी जाती है। इसके बाद पूरी कागजी कार्रवाई और शपथ वीडियो पर ली जाती है। फिर खिलाड़ी को टेस्टिंग किट मिलती है। खिलाड़ी के सैंपल देने के बाद डोपिंग एजेंसी एक्सप्रेस मेल प्रतिनिधि (पोस्टमैन) के जरिए खिलाड़ी के घर से सैंपल कलेक्ट कर लेती है। उन्होंने कहा-हमने जर्मनी और नॉर्वे की एंटी डोपिंग एजेंसी को भी इसी तरह के प्रोग्राम बनाने की सलाह दी है।

इस प्रक्रिया से हो रहा खिलाड़ियों का टेस्ट
1. खिलाड़ी को ब्लड और यूरिन सैंपल देने के लिए टेस्टिंग किट मिलेगी।

2. खिलाड़ी को परीक्षक की ओर से वीडियो कॉल आएगा।

3. खिलाड़ी द्वारा भरे और साइन किए गए वेरिफिकेशन फॉर्म को दिखाया जाएगा।

4. परीक्षक वीडियो से खिलाड़ी का बाथरूम चेक करेगा।

5. ऑफ कैमरा खिलाड़ी एक छाेटे से कंटेनर में यूरिन सैंपल देगा।

6. ऑन कैमरा खिलाड़ी एक टेंपरेचर स्ट्रिप से चेक कराएगा कि सैंपल फ्रेश है।
7. कंटेनर को टेंपर प्रूफ ढक्कन से बंद कर दिया जाएगा।
8. खिलाड़ी बाइसेप्स के पास एक छोटी डिवाइस लगाकर उसमें ब्लड सैंपल लेगा।

9. इस सैंपल को ऑन कैमरा कंटेनर में बंद किया जाएगा।

10. यूरिन और ब्लड दोनों सैंपल को यूएसएडीए भेज दिया जाएगा।

ऑनलाइन सैंपल लेने के लाभ, धोखाधड़ी भी नहीं होगी

  • एजेंसी के अधिकारियों को सैंपल लेने के लिए पूरी दुनिया में नहीं घूमना पड़ेगा। पैसे की बचत होगी और ज्यादा से ज्यादा सैंपल लिए जा सकेंगे।
  • अगर वो यूरिन सैंपल पुराना देगा तो लैब टेस्ट में पता चल जाएगा। पुराने यूरिन की बदबू बहुत खराब होती है।
  • अगर किसी दूसरे का सैंपल दे देगा तो उसकी कुछ विशेषताएं खिलाड़ी के ब्लड सैंपल से मेल नहीं खाएंगी।

खिलाड़ी पक्ष में भी और विरोध भी कर रहे

  • केटी लेडेकी, 5 बार की ओलिंपिक चैंपियन स्विमरहैं।सैंपल देने में दिक्कत नहीं हुई। मैं काफी सहज थी। जब मार्च में डोप कंट्रोल ऑफिसर ने अपार्टमेंट में आकर सैंपल लिया था, ताे अपार्टमेंट सेनेटाइज करना पड़ा था।
  • नोआह लाएल्स, दो बार के वर्ल्ड चैंपियन एथलीट हैं। 5 साल से टेस्ट दे रहा हूं। पहली बार सब मुझे करना पड़ा। मुझे सामान्य टेस्टिंग मैथड ही पसंद है। सैंपल देते समय कोई वहां रहे, यह मुझे ज्यादा जवाबदेह बनाता है।


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वर्चुअल डोप टेस्ट करने से समय के साथ-साथ पैसे की भी बचत होती और एजेंसी के पास इलेक्ट्रॉनिक सबूत होता है।


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