भारत ने दो घरेलू कंपनियों को 11.45 करोड़ टैबलेट के ऑर्डर दिए, अब तक 4.3 करोड़ मिले बाकी 16 मई तक मिलेंगे 

केंद्र सरकार ने दो घरेलू कंपनियों को हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन दवा के 11.45 करोड़ टैबलेट का आर्डर दिया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के लिए इसकी खरीदारी सरकारी कंपनी हिंदुस्तान लेटेक्स लिमिटेड (एचएलएल) लाइफकेयर करेगी। यह कंपनी दवा और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े सामान का उत्पादन करती है। स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसकी पुष्टि की। मंत्रालय के मुताबिक, दो भारतीय कंपनियों- आईपीसीए और जायडस कैडिला को यह ऑर्डर दिया है। इसमें से अब तक 6.64 करोड़ टैबलेट मिल गए हैं और बाकी 16 मई तक मिल जाएंगे।
अधिकारियों के मुताबिक,4.3 करोड़ टैबलेट राज्यों में बांट दिया गया है और बाकी केंद्र और राज्य के बफर स्टॉक में रखे गए हैं। कुछ राज्यों ने सीधे कंपनी से भी 3.8 करोड़ टैबलेट खरीदा है। ऐसे में राज्यों के पास मौजूदा समय में 10.44 करोड़ हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन दवाएं उपलब्ध हैं।

कुछ पाबंदियों के साथ इस्तेमाल की जा सकती है दवा

हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन मलेरिया की दवा है। हालांकि, कोरोना के लिए गठित राष्ट्रीय टास्क फोर्स ने प्रोफीलैक्सिस के तौर पर इसके इस्तेमाल की सिफारिश की है। टास्कफोर्स ने कहा कि यह कोरोना की दवा नहीं है। प्रोटोकॉल के तहत इसके इस्तेमाल का सुझाव दिया गया है। खास तौर पर संक्रमितों के इलाज में जुटे स्वास्थ्यकर्मियों को यह दी जा सकती है। ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीजीसीआई) ने आपातकालीन स्थिति में कुछ पांबदियों के साथ इसके इस्तेमाल को मंजूरी दी है। 12 साल से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को यह दवा नहीं दी जा सकती। रेटिनोपैथी या इस दवा के प्रति संवेदनशील मरीजों पर भी इसका इस्तेमाल नहीं हो सकता।

तीन तरह के लोगों पर हो सकता है इस्तेमाल
इस इस्तेमाल तीन तरह के लोगों पर किया जा सकता है। पहले ऐसे स्वास्थ्यकर्मी हैं जिनमें लक्षण नहीं है, लेकिन वे कोरोना के संदिग्ध या संक्रमित मरीजों के इलाज या स्वास्थ्य सुरक्षा में लगे हैं। दूसरे, ऐसे लोग हैं जो लैब से संक्रमित होने की पुष्टि वाले व्यक्तियों के संपर्क में आए हैं और उनमें कोई लक्षण नजर नहीं आ रहे। तीसरे कोरोना से संक्रमित ऐसे लोग हैं जिन्हें गंभीर बीमारी है और आईसीयू में रखने की जरूरत है। यह दवा सिर्फ मेडिकल देखरेख में ही दी जा सकती है। दवा लेने के बाद मरीज पर होने वाले साइड इफेक्ट पर भी नजर रखा जाएगा।



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दिल्ली में शनिवार को एक महिला का नैसल स्वैब लेते स्वास्थ्यकर्मी। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि संक्रमितों के इलाज में लगे स्वास्थ्यकर्मियों पर हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन दवा का इस्तेमाल हो सकता है।


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