अमेरिका में बड़ी तादाद में लोगों की नौकरियां जा रहीं, बेरोजगारी दर 14.7% पहुंची; एच1-बी जैसे वर्क वीजा पर अस्थाई प्रतिबंध लगाने पर विचार

अमेरिकी सरकार एच1-बी जैसे वर्क वीजा पर अस्थाई प्रतिबंधलगाने पर विचार कर रही है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक,अमेरिका में बड़ी तादाद में लोगों की नौकरियां जाने का खतरा
है। इसके चलते सरकार यह फैसला ले सकती है। अमेरिका सेज्यादा एच1-बी वीजा हासिल करने वाले भारतीय आईटीप्रोफेशनल्स और छात्र ही हैं।


अमेरिकी सरकार ने हाल ही में कोरोनावायरस के चलते एच-1बीवीजाधारकों और ग्रीनकार्ड आवेदकों को 60 दिन की छूट दी है।हालांकि, यह छूट सिर्फ उन लोगों को दी गई है, जिन्हें दस्तावेजों
को जमा करने के चलते नोटिस दिया गया है।


रिपोर्ट में क्या कहा गया?
शुक्रवार को वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, ‘‘राष्ट्रपतिडोनाल्ड ट्रम्प के इमिग्रेशन एडवाइजर एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डरलाने की योजना बना रहे हैं। उम्मीद है कि यह इसी महीने आजाएगा। इसमें वर्क वीजा पर अस्थायी प्रतिबंध लगाने की बात होसकती है। माना जा रहा है कि ऑर्डर की वीजा कैटेगरी मेंएच1-बी (स्किल्ड वर्कर्स) और एच-2बी (माइग्रेंट वर्कर्स) कोशामिल किया जा सकता है।’’


अमेरिका को बेरोजगारों की चिंता
कोरोना महामारी के चलते बीते 2 महीने में अमेरिका में 3.3करोड़ लोगों को नौकरी गंवानी पड़ी है। इससे देश कीअर्थव्यवस्था पर भी बुरा असर पड़ा है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष(आईएमएफ) और विश्व बैंक ने भी अमेरिका की ग्रोथ रेटनिगेटिव आंकी है। व्हाइट हाउस के अफसरों के मुताबिक, वित्तवर्ष की दूसरी तिमाही में देश की ग्रोथ 15-20% निगेटिव मेंरहने की आशंका है।


सांसदों ने भी ट्रम्प से वीजा सस्पेंड करने की बात कही
सीनेट के 4 सांसदों चक ग्रेसली, टॉम कॉटन, टेड क्रूज और जोशहॉल ने शुक्रवार को ट्रम्प को पत्र लिखा। इसमें उन्होंने लेबरडिपार्टमेंट की रिपोर्ट दी। इसमें बताया गया कि कोरोना ने अप्रैल
में 2 करोड़ नौकरियां खत्म कर दीं। इसके चलते बेरोजगारी दर14.7% हो गई। लिहाजा विदेशों से आने वाले वर्करों का वीजाकम से कम एक साल के लिए सस्पेंड कर देना चाहिए। अमेरिकी
नागरिकों के लिए नौकरियों की कमी हो गई है, सीमित रोजगारमें अतिरिक्त विदेशी कर्मचारियों को नहीं स्वीकार करना चाहिए।

सांसदों ने इन वीजा को सस्पेंड करने की मांग की

  • एच-1बी वीजाः विशेष काम के कर्मचारियों को दिया जाने वालावीजा
  • एच-2बी वीजाः नॉन-एग्रीकल्चरल कामों के लिए सीजनल वर्करोंको दिया जाने वाला वीजा
  • ओटीपी वीजाः ग्रेजुएशन के बाद स्टूडेंट्स को इंटर्नशिप के लिएदिया जाने वाला वीजा
  • ईबी-5 वीजाः विदेश के अमीर लोगों इंवेस्टमेंट के बदले दियाजाने वाला वीजा

पिछले साल ओटीपी वीजा वालों में 40% भारतीय
ओटीपी वीजा के सस्पेंड होने से भारतीय छात्रों में पर असरपड़ेगा। हर साल भारत से कई स्टूडेंट फॉरेन स्टूडेंट वीजा परग्रेजुएशन के लिए अमेरिका जाते हैं। ग्रेजुएशन होने के बादअमेरिका उनके वीजा में विस्तार करता है। इसे ओटीपी वीजाकहते हैं। इसके तहत विदेशी छात्र एक से तीन साल तकअमेरिका इंटर्नशिप कर सकते हैं। 2019 में अमेरिका में विदेशके दो लाख 23 हजार स्टूडेंट ऐसे थे, जिन्हें ग्रेजुएशन के बादओटीपी वीजा मिला था, इसमें करीब 40% भारतीय थे।


क्या है एच1-बी वीजा?
एच1-बी नॉन-इमिग्रेंट वीजा है, जिसके तहत अमेरिकी कंपनियांविदेशी कामगारों (खासकर भारत और चीन के आईटीप्रोफेशनल्स) को अपने यहां काम करने बुलाती हैं। इस समयकरीब 50 हजार अप्रवासी कामगार एच1-बी वीजा पर अमेरिका मेंकाम कर रहे हैं। नियम के अनुसार, अगर किसी एच-1बीवीजाधारक की कंपनी ने उसके साथ कांट्रैक्ट खत्म कर लिया है
तो वीजा स्टेटस बनाए रखने के लिए उसे 60 दिनों के अंदर नईकंपनी में जॉब तलाशना होगा।



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A large number of people are losing jobs in the US, with the unemployment rate reaching 14.7%; Consideration of temporary ban on work visas like H1-B


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