पख्तून तहफ्फुज मूवमेंट के नेता की गोली मारकर हत्या, महीने भर पहले ही जमानत पर जेल से बाहर आए थे

पाकिस्तान में पख्तून तहफ्फुज मूवमेंट (पीटीएम) के नेता आरिफ वजीर की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। पाकिस्तानी अखबार डॉन की खबर के मुताबिक, वजीर एक महीने पहले जमानत पर जेल से बाहर आए थे। खैबर पख्तूनख्वा जिले के वाना में शुक्रवार को उनको घर के बाहर हीगोली मारी गई थी। शनिवार को इस्लामाबाद के एक अस्पताल में उनकी मौत हो गई।
आरिफ वजीर के भाई मुहम्मद अली वजी ने बताया कि उनको तीन गोली मारी गईथीं। गोली मारने वालों का पता नहीं चल पाया है।पुलिस एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच कर रही है। 2017 में वजीर के परिवार के सात सदस्य आतंकियों के साथ हुए संघर्ष में मारे गए थे। इसी बीच एमनेस्टी इंटरनेशनल ने कहा है कि अधिकारियों को आरिफ वजीर पर हमले की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए।

पीटीएमपख्तूनों के मानवाधिकारों की आवाज उठाताहै

पख्तून तहफ्फुज मूवमेंट (पीटीएम) पाकिस्तान के खैबर-पख्तूनख्वा तथा बलूचिस्तान प्रान्तों में चल रहा सामाजिक आन्दोलन है। इसका मकसद पख्तूनों के मानवाधिकारों की रक्षा करना है। पाक सेना खैबर-पख्तूनख्वा और बूलचिस्तान में लोगों पर अत्याचार करती है। यह संगठन पाकिस्तानी सेना और सरकार के खिलाफ आवाज उठाता रहा है। संगठन ने अचानक से गायब होने वाले लोग और हत्याओं को लेकर सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।

पिछले हफ्ते स्वीडन में बलूचिस्तान टाइम्स के चीफ एडिटर का शव मिला था
23 मार्च को स्वीडन में बलूचिस्तान टाइम्स के चीफ एडिटर साजिद हुसैन का शव बरामद हुआ था। वह दो मार्च से लापता थे। बलूच नेताओं ने हत्या के पीछे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का हाथ होने की आशंका जताई है। साजिद पाकिस्तानी सेना और आईएसआई का अत्याचार सह रहे बलूच लोगों की आवाज उठाते रहे हैं, जिसके चलते उन्हें धमकियां भी मिली थीं।सरकार और आईएसआई की धमकियों के चलते साजिद ने 2012 में पाकिस्तान छोड़ दिया था। वह 2017 से स्वीडन में शरणार्थी के तौर पर रह रहे थे।



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पख्तून तहफ्फुज मूवमेंट (पीटीएम) के नेता आरिफ वजीर एक माह पहले ही जमानत पर बाहर आए थे। शुक्रवार को उनपर कई राउंड फायर किए गए। -फाइल फोटो


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