चुनावों में रूस के दखल के मामले में ट्रम्प के पूर्व सहयोगी माइकल फ्लिन के खिलाफ केस वापस लिया गया

अमेरिका के जस्टिस डिपार्टमेंट ने व्हाइट हाउस के पूर्व नेशनल सिक्युरिटी एडवाइजर (एनएसए) माइकल फ्लिन के खिलाफ केस वापस ले लिया है।डिपार्टमेंट ने कहा कि 2016 में अमेरिकी चुनावों में रूसी दखल के मामले में फ्लिन पर आरोप साबित नहीं हुए हैं। कोई भी जायज आधार नहीं है, जिसकी वजह से केस को आगे बढ़ाया जाए। साथ ही इसी मामले में दिसंबर 2017 में एफबीआई से झूठ बोलने का आरोप भी साबित नहीं हो पाया है।

यह फैसला ट्रम्प के सहयोगी माने जाने वाले एटार्नी जनरल बिल बार के नेतृत्व में लिया गया है। इस फैसले ने बार के पूर्ववर्ती जनरल और एफबीआई के 18 महीने केकाम को उलट कर रख दिया है।

चुनावों के ठीक पहले ट्रम्प को मजबूती मिली
इस फैसले ने चुनाव के ठीक पहले ट्रम्प को मजबूती दी है। ट्रम्प लगातार कहते रहे हैं कि यह जांच एक राजनीतिक प्रोपेगेंडा है। ट्रम्प ने गुरुवार को कहा, ‘‘उसे (माइकल फ्लिन) ओबामा प्रशासन ने इसलिए टार्गेट किया था, ताकि राष्ट्रपति को नीचे गिराया जा सके। मुझे उम्मीद है कि ये लोग एक बड़ी कीमत चुकाएंगे, क्योंकि वे बेईमान लोग हैं। वे शरीर का मैल हैं।’’

पूर्व अधिकारियों ने फैसले पर नाराजगी जताई
बार ने सीबीसी न्यूज से बातचीत में कहा, ‘‘हमारी ड्यूटी है कि हम अब इस केस को वापस लें। फ्लिन के खिलाफ कोई भी आरोप साबित नहीं हुआ है। उन पर केस आगे चलाने का कोई आधार नहीं है।’’ जांच से जुड़े वर्तमान और पूर्व अधिकारियों ने बार के इस फैसले पर नाराजगी जताई है। उन्होंने बार पर ट्रम्प का पक्ष लेने का आरोप लगाया है। हाउस ज्यूडिशियरी कमेटी के डेमोक्रेटिक चेयरमैन जेरी नडलर ने कहा, ‘‘जनरल फ्लिन के खिलाफ भारी सुबूत हैं। उन्हें जांचकर्ताओं से झूठ बोलने का भी दोषी पाया गया है। न्याय विभाग अबराजनीतिक और भ्रष्ट हो गया है। वह बस ट्रम्प की गद्दी बचाए रखना चाहता है।’’

राबर्ट मुलर की जांच को बनाया गया था केस का आधार
अमेरिकी चुनावों में रूस के दखल के मामले में विशेष वकील रार्बट मुलर ने 22 महीने तक जांच की थी। उनकी रिपोर्ट को ही आधार बनाकर माइकल फ्लिन के खिलाफ केस शरू किया गया था। आरोप है कि दिसंबर 2016 में फ्लिन ने वॉशिगंटन में रूस के दूत सेर्गेई किसाक से गुप्त बातचीत की थी।एफबीआई की ओर से टैप किए गए कई फोन काल में फ्लिन कथित तौर पर रूस के साथ पॉलिटिकल डील कर रहे हैं। मुलर की रिपोर्ट में ट्रम्प के कैंपेन से जुड़े फ्लिन समेत छह लोग इस काम में शामिल थे।

फ्लिन के रूस में कई संपर्क थे। पिछले साल मास्को में रूसी मीडिया ‘आरटी’ के एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए उन्होंने हजारों डॉलर का भुगतान किया था। इस कार्यक्रम में वह राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बगल में बैठे थे।



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माइकल थॉमस फ्लिन अमेरिकी सेना से लेफ्टिनेंट जनरल के पद से रिटायर हुए थे। वह ट्रम्प के पहले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार थे।


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