भारत ने कहा- हमारे सिपाही अपनी हद में रहकर काम करते हैं, पड़ोसियों की हरकतें हमारी निगरानी में रुकावट डालती हैं

भारत और चीन के सैनिकों के बीच इस महीने तीन बार झड़प हो चुकी है। इन घटनाओं पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को बयान जारी किया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारतीय सैनिक अपनी सीमा में ही गतिविधियों को अंजाम देते हैं। भारतीय सेना की लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) के पार एक्टिविटीज की बातें सही नहीं हैं। वास्तविकता यह है कि यह चीन की हरकतें हैं, जिनकी वजह से हमारी रेगुलर पेट्रोलिंग में रुकावट आती है।
इसी महीने 5 और 6 मई को भारत और चीन के सैिनकों के बीच पूर्वी लद्दाख में झड़प की घटनाएं सामने आईं थीं। इसके बाद 10 मई को सिक्किम के नाकु ला सेक्टर में भी दोनों देशों के सैनिक आमने-सामने आ गए थे।

गालवन नदी क्षेत्र के विवाद को सुलझाने के लिएभारत और चीन के फील्ड कमांडरों नेबैठक की
भारत और चीन में लद्दाख के गालवन नदी क्षेत्र में विवाद को लेकर अब दोनों देशों के फील्ड कमांडरों ने बैठक की। सूत्रों के मुताबिक यह बैठक दौलत बेग ओल्डी सेक्टर में हुई। इसमें भारत की 81 ब्रिगेड के अधिकारी और उनके चीनी समकक्ष शामिल हुए।निर्माण कार्यों को लेकर गालवन नदी क्षेत्र में दोनों पक्षों के बीच पिछले दो सप्ताह से तनाव चल रहा है।
पिछले दो सालों से सुरक्षाबल सैटेलाइट इमेज और खुफिया जानकारी पर नजर रख रहे थे। इससे उन्हें पता चला था कि चीन एलएसी (लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल) पर भारतीय क्षेत्र के करीब रोड बना रहा है। इसके बाद भारत ने भी एलएसी के नजदीक अपने क्षेत्र में रोड नेटवर्क बनाना शुरू कर दिया था। इस पर चीन ने इस क्षेत्र में भारतीय विमानों की आवाजाही पर आपत्ति जताई थी। हालांकि, कई बार चीनी हेलिकॉप्टरों ने गालवन नदी क्षेत्र में भारतीय गश्ती एरिया के करीब उड़ान भरी है। पिछले सोमवार को यहां स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी।राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े शीर्ष अधिकारी स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं और तनाव को कम करने की दिशा में काम किया जा रहा है।

1962 में चीन ने यहीं पोस्ट घेरा था
गालवन नदी का यह क्षेत्र 1962 की भारत-चीन जंग में भी खास था। यहां पर भारतीय सेना का एक पोस्ट था, जिसे चीनी सैनिकों ने घेर लिया था। इसके बाद झड़प जंग में तब्दील हो गई थी। पिछले सप्ताह आर्मी चीफ एमएम नरवणे ने कहा था- आपको किसी भी झड़प की जानकारी दी जाएगी। 10 स्थान ऐसे हैं जहां हम हर रोज बातचीत करते हैं। यहां हालात पहले की ही तरह हैं। एक या दो स्थानों पर कभी-कभार घटनाएं हो जाती हैं। यह तब होता है जब कमांडर्स बदले जाते हैं।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
लद्दाख के गालवन नदी क्षेत्र के विवाद को सुलझाने के लिए भारत और चीन के फील्ड कमांडरों ने बैठक की है।


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2TrOSOV

Comments

Popular posts from this blog

ट्रम्प की लोकप्रियता बढ़ रही; बिडेन 43% लोगों की पसंद तो ट्रम्प को 40% लोगों का साथ, जुलाई में यह अंतर 7% से ज्यादा था

अमेरिका में चुनाव के दिन बाइडेन समर्थकों ने 75% और ट्रम्प सपोर्टर्स ने 33% ज्यादा शराब खरीदी

124 साल पुरानी परंपरा तोड़ेंगे ट्रम्प; मीडिया को आशंका- राष्ट्रपति कन्सेशन स्पीच में बाइडेन को बधाई नहीं देंगे