अमेरिका ने चीनी हैकर्स पर वैक्सीन डेटा में सेंधमारी का आरोप लगाया, ट्रम्प बोले - मैं चीन से खुश नहीं हूं

अमेरिकी संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि चीनी ने के हैकर्स उनके यहां सेंधमारी करके कोरोनोवायरस वैक्सीन से संबंधित डेटा चुराने की कोशिश कर रहे हैं। हैकर्स COVID-19 के इलाज और परीक्षण से जुड़ी सूचनाओं और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी को भी निशाना बना रहे हैं।

देश के बड़े अखबारों वॉल स्ट्रीट जर्नल और न्यूयॉर्क टाइम्स ने सोमवार को इससे संबंधित रिपोर्ट छापी है। रिपोर्ट के मुताबिक एफबीआई और डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी चीनी हैकिंग के बारे में चेतावनी जारी कर सकते हैं क्योंकि कई देशों की सरकारें और प्राइवेट कम्पनियां COVID-19 के लिए वैक्सीन विकसित करने की दौड़ में शामिल हैं।

अमेरिकी अधिकारियों ने आरोप लगाया कि ये हैकर्स चीनी सरकार से जुड़े हुए हैं और इनके बारे में आधिकारिक चेतावनी जल्दी ही सामने आएगी।

ट्रम्प बोले - मैं चीन से खुश नहीं हूं

एक रिपोर्टर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से बारे में पूछा तो उन्होंने इस बात की पुष्टि तो नहीं की, लेकि यह जरूर कहा कि, "चीन और क्या नया कर सकता है? और क्या नया? मुझे बताओ? मैं चीन से खुश नहीं हूं।"उन्होंने कहा, "हम इस मामले को बहुत बारीकी से देख रहे हैं"।

बीजिंग ने बयान परआपत्ति जताई

उधर, बीजिंग के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा है हमारा देश ऐसे सभी साइबर हमलों का दृढ़ता से विरोध करता है। झाओ ने कहा, "हम COVID-19 के इलाज और वैक्सीन अनुसंधान में दुनिया का नेतृत्व कर रहे हैं। बिना किसी सबूत के अफवाहों और गलत शब्दों के साथ चीन को निशाना बनाना अनैतिकता है।"

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट

इस अखबारने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि आने वाले दिनों में साइबर युद्ध में शामिल अमेरिकी एजेंसियां कोई बड़ा कदम उठा सकती हैं। इसमें पेंटागन की साइबर कमांड और राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी द्वारा आधिकारिक तौर पर स्वीकृत जवाबी कार्रवाई का प्रस्ताव भी हो सकता है।

इस प्रस्ताव में ऐसे अलर्ट और रिपोर्ट को जोड़ा जाएगा जो ईरान, उत्तर कोरिया, रूस और चीन में सरकार द्वारा समर्थित हैकरों से संबंधित हैं। साथ ही, ऐसे तमाम लोगों की नकेल कसी जाएगी जो महामारी, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और वैज्ञानिकों को निशाना बनाने के लिए झूठी ख़बरें देते हैं।

लॉकडाउन में चल रही साइबर वॉर

पिछले सप्ताह एक संयुक्त संदेश में ब्रिटेन और संयुक्त राज्य अमेरिका ने संगठित अपराधियों द्वारा कोरोनोवायरस प्रतिक्रिया में शामिल स्वास्थ्य पेशेवरों के खिलाफ साइबर हमलों में वृद्धि की चेतावनी दी थी ।

ब्रिटेन के राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा केंद्र और यूएस साइबर स्पेस एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर सिक्योरिटी एजेंसी ने कहा है कि वे बड़े पैमाने पर "पासवर्ड स्प्रेइंग" वालीहरकतें देख रहे हैं। ऐसा करके हैकर्स आमतौर पर उपयोग किए जाने वाले पासवर्ड के जरिये अकाउंट में सेंध लगाने की कोशिश करते हैं और मौजूदा दौर मेंउनका निशाना चिकित्सा और रिसर्च संस्थान हैं।



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मार्च महीने की तस्वीर में अमेरिका में होमलैंड सिक्योरिटी के कार्यवाहक सचिव, चैड वुल्फ (बीच में), राष्ट्रपति ट्रम्प और कोरोनावायरस टास्क फोर्स के सदस्यों के साथ। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक उनका विभाग चीनी साइबर हमले के बारे में चेतावनी जारी करने की तैयारी कर रहा है।


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