ट्रम्प की कोशिशों के सवाल पर 22 सेकंड खामोश रहे कनाडा के पीएम ट्रूडो, फिर कहा- सालों से विकास के बावजूद नाइंसाफी क्यों हो रही, इसे समझें

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने अमेरिकी में अश्वेत नागरिक की मौत के बाद भड़की हिंसा पर चिंता जाहिर की। मंगलवार को प्रेस ब्रिफिंग में मीडिया ने उनसे हिंसा रोकने के लिए सेना को उतारने की राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की योजना के बारे में पूछा। इसके बाद वे 22 सेकेंड तक खामोश हो गए। कुछ देर की चुप्पी के बाद उन्होंने कहा कि जो कुछ भी अमेरिका में हो रहा है उसे हम काफी डर और घबराहट से देख रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यह सभी को साथ लाने और सुनने का समय है, जिससे हम सालों और दशकों के विकास के बावजूदअश्वेतों केसाथ हुई नाइंसाफी को समझ सकें।

नस्लभेद से लड़ने की जरूरत है: जस्टिन ट्रूडो

ट्रूडो ने कहा कि कनाडा में भी नस्लभेद से लड़ने की जरूरत। वे इससे पहले भी कई बार इस मुद्दे को उठा चुके हैं। पिछले हफ्ते अमेरिका के मिनेपोलिस में जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद कई बार अपने देश में रंगभेद को खत्म करने की बात कर चुके हैं। जब उनसे इस मामले में ट्रम्प की ओर से की गई कार्रवाई के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि कनाडा के प्रधानमंत्री के तौर पर मेरा काम यहां के लोगों के लिए खड़े होना है।

उप प्रधानमंत्री क्रिस्टिया ने पत्रकारों के काम का बचाव किया
कनाडा की उप प्रधानमंत्री क्रिस्टिया फ्रीलैंड ने हिंसा के रिपोर्टिंग कर रहे पत्रकारों के कामों का बचाव किया। उन्होंने कहा कि पत्रकार किसी के दुश्मन नहीं है। वे लोगों की सेवा करते हैं। इन दिनों अमेरिका में पत्रकार पुलिस और प्रदर्शनकारी दोनों के निशाने पर हैं। हिंसा भड़कने के बाद से ही कई पत्रकार पुलिस की ओर से दागे गए रबर बुलेट से घायल हुए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प भी कई बार मीडिया की आलोचना कर चुके हैं। पिछले साल उन्होंने कहा था कि प्रेस लोगों का दुश्मन है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
ओटावा में मंगलवार को मीडिया के सवालों का जवाब देते कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टि ट्रूडो। उन्होंने अमेरिका में भड़की हिंसा पर एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि हम इससे डरे हुए हैं।


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/36U1G6p

Comments

Popular posts from this blog

चीन ने कहा- हमारा समुद्री अधिकार नियम के मुताबिक, जवाब में ऑस्ट्रेलिया बोला- उम्मीद है आप 2016 का फैसला मानेंगे

अफगानिस्तान सीमा को खोलने की मांग कर रहे थे प्रदर्शनकारी, पुलिस ने फायरिंग की; 3 की मौत, 30 घायल

रूलिंग पार्टी की बैठक में नहीं पहुंचे ओली, भारत से बिगड़ते रिश्ते के बीच इस्तीफे से बचने की कोशिश