द.कोरिया मामले पर बोलने पर उ. कोरिया ने कहा- कायदे से चुनाव कराना चाहते हैं तो अपना मुंह बंद रखें

उत्तर कोरिया ने गुरुवार को अमेरिका को कोरियाई देशों के मामलों से दूर रहने के लिए कहा। साथ ही चेतावनी दी कि अगर नवंबर में होने वाला चुनाव कायदे से कराना चाहते हैं, तो अपना मुंह बंद रखें।उ.कोरिया ने मंगलवार को द.कोरिया की सीमा परकिम जोंग उन की सत्ता के खिलाफ पर्चा बांटे जाने को लेकर संबंध तोड़ने की धमकी दी थी। कहा था कि वह द.कोरिया से जुड़ी हॉटलाइन समेत सभी कम्युनिकेशन लाइनें बंद कर रहा है। इसके बाद अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने इसकी आलोचना की थी।

उ.कोरिया की न्यूज एजेंसी केसीएनए के मुताबिक, उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रालय में अमेरिकी मामलों के महानिदेशक ओन जोंग गन ने कहा कि अमेरिका को अपने आंतरिक मामले पर ध्यान देना चाहिए। वह दूसरे के मामलों में टांग अड़ाता रहता है। इस मामले में उनका रवैया दोहरापन वाला है।

उन्होंने कहा कि अमेरिका को अपने जीभ पर लगाम लगाना चाहिए और अपने घरेलू मामलों पर ध्यान देना चाहिए। यह न केवल अमेरिका के लिए बल्कि वहां होने वाले चुनाव के लिए भी अच्छा होगा। वहीं, सियोल में असान इंस्टीट्यूट फॉर पॉल्सी स्टडिज के रिसर्च फेलो जेम्स किम ने कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि अमेरिकी चुनाव में उ.कोरिया कैसे बाधा डालेगा।

परमाणु निरस्त्रीकरण को लेकर ट्रम्प-किम की 3 बार मुलाकात हुई
कोरियाई प्रायद्वीप में परमाणु निरस्त्रीकरण करने को लेकर ट्रम्प और किम के बीच पिछले साल जून में सिंगापुर में पहली बैठक हुई थी। इसके बाद इस साल फरवरी में वियतनाम की राजधानी हनोई में दोनों नेताओं के बीच दूसरी बैठक हुई थी जो विफल रही थी। दोनों नेताओं के बीच एक साल के भीतर यह दूसरी शिखर बैठक थी। जी-20 समिट से लौटते वक्त ट्रम्प ने कोरियाई सीमा के असैन्य क्षेत्र में किम से मीटिंग की थी।

द.कोरिया को अब दुश्मन देश

उत्तर कोरिया ने मंगलवार को कहा था कि हम द.कोरिया को अब दुश्मन देश ही मानेंगे, उसी हिसाब से बर्ताव किया जाएगा। प्योंगयांग की न्यूज एजेंसी ने कहा- दक्षिण कोरिया के अफसरों का रवैया गैरजिम्मेदाराना है। उनकी मिलीभगत का फायदा उठाकर हमारे विरोधी सक्रिय हैं। इन्होंने हमारी टॉप लीडरशिप का अपमान किया। इन्हें माफ नहीं किया जा सकता। इसकी बड़ी कीमत चुकानी होगी। अब दक्षिण कोरिया से कोई बातचीत नहीं की जाएगी।

किम जोंग और उनकी बहन की मौजूदगी में फैसला लिया गया
रिपोर्ट के मुताबिक, कम्युनिकेश लाइन खत्म करने का फैसला नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग-उन और उनकी बहन किम यो-जोंग की मौजूदगी में लिया गया। रिपोर्ट में कहा गया- यह कदम दक्षिण कोरिया के साथ सभी रिश्ते पूरी तरह से खत्म करने की दिशा में पहला कदम है।

2018 में बनाई गई थी कम्युनिकेशन लाइन
उत्तर और दक्षिण कोरिया ने दो साल पहले कम्युनिकेशन लाइन बनाईं थीं। तब दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे-इन और किम जोंग-उन के बीच तीन मीटिंग हुईं थीं। इसी दौरान उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया को दुश्मन से दोस्त देश का दर्जा दिया था। पिछले साल फरवरी तक दोनों देशों के संबंध ठीक रहे। अमेरिका और नॉर्थ कोरिया की बातचीत विफल हुई तो दक्षिण कोरिया और उत्तर कोरिया के रिश्ते भी खराब हो गए।



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उत्तर कोरिया ने कहा- द.कोरिया के मुद्दे पर अमेरिका का रवैया दोहरापन वाला है। (फाइल फोटो)


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