अमेरिका ने भारत और रूस को बुलाने का प्लान बनाया तो भड़का चीन, कहा- हमें घेरने की कोशिश फेल हो जाएगी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की भारत, रूस, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया को जी-7 शिखर सम्मेलन में बुलाने के प्लान पर चीन को बड़ा धक्का लगा है। चीन ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यह चीन के खिलाफ घेरा बनाने की कोशिश है। चीन ने कहा कि ट्रम्प का प्लान फेल हो जाएगा।
जी-7 सात विकसित देशों का समूह है, इसमें अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान और कनाडा शामिल हैं। सभी देशों के मुखिया साल में एक बार मिलते हैं और जलवायु परिवर्तन, अर्थव्यवस्था सहित ग्लोबल गवर्नेंसके मुद्दों पर चर्चा करते हैं।
वर्तमान में अमेरिका के पास जी 7 देशों की अध्यक्षता है। कोरोनामहामारी के कारणजून में वर्चुअल समिट होनी थी, लेकिनडोनाल्ड ट्रम्प ने इसे सितंबर तक टाल दिया है। ट्रम्प ने जाहिर किया था कि जी-7 के बदले एक विस्तारित सम्मेलन बुलाया जाए। उन्होंने कहा था कि इसमें भारत, रूस, दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों को भी बुलाना चाहेंगे। अब यह समिट सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक के पहले या उसके बाद हो सकतीहै।

चीनी प्रवक्ता बोले- घेरने की कोई भी कोशिश बेकार होगी
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने मीडिया को बताया कि चीन का मानना है कि सभी अंतरराष्ट्रीय संगठन और सम्मेलन देशों के आपसी विश्वास के अनुकूल होना चाहिए। ये दुनिया की शांति और विकास के लिए होने चाहिए। उन्होंने कहा कि हम मानते हैं कि चीन को घेरने की कोई भी कोशिश बेकार जाएगी। लिजियन ने कहा कि भारत और तीन अन्य देशों को जी-7 में न्योता देना ट्रम्प की बेचैनी दिखाता है।

ट्रम्प का रूस को निमंत्रण देना चीन के लिए बड़ी चिंता की बात
ट्रम्प का रूस को निमंत्रण देना चीन के लिए चिंता की बात है। पहले जी-7 को जी-8 के नाम से जाना जाता था, लेकिन क्रीमिया पर कब्जे के बाद 2014 में रूस को बाहर निकाल दिया गया था। इसके बाद चीन और रूस के संबंध काफी मजबूत हुए थे। तब से अब तक रूस, चीन का करीबी रणनीतिक सहयोगी रहा है। अब रूस का फिर से जी-7 की तरफ झुकाव हो रहा है।सूत्रों के मुताबिक रूस जी-7 समिट में शामिल होने के लिए अपनी रुचि दिखा रहा है।बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिटन और कनाडा ने रूस के जी-7 में वापसी का विरोध किया है।

पिछले साल जी-7 समिट में पीएम मोदी शामिल हुए थे
समिट के दौरान जी-7 के अध्यक्ष आम तौर पर जी-7 के बाहर के एक या दो देशों के प्रमुखों को विशेष तौर पर आमंत्रित करते हैं। पिछले साल फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रो ने प्रधानमंत्री मोदी को जी-7 समिट के लिए आमंत्रित किया था।



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अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प और प्रधानमंत्री मोदी की यह फोटो 2019 में फ्रांस में हुए जी-7 समिट है। भारत को इस समिट में विशेष तौर पर आमंत्रित किया गया था।


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