ह्यूस्टन पुलिस चीफ ने ट्रम्प से कहा- अगर कोई अच्छा सुझाव नहीं दे सकते तो अपना मुंह बंद रखो, प्रदर्शन बढ़ने पर ट्रम्प ने गवर्नरों को कमजोर बताया था

अमेरिका में पुलिस की बर्बरता से अश्वेत की मौत के बाद होने वाला प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहा है। ट्रम्प ने प्रदर्शन कारियों को रोकने के लिए सेना तैनात करने की चेतावनी दी है। इससे पहले भी ट्रम्प ने प्रदर्शनकारियों को गोली मारने और उन पर भयानक कुत्ते छोड़ने की चेतावनी दी थी। हालांकि, इसका कोई असर नहीं हुआ, बल्कि प्रदर्शन और तेजी से भड़क गया है। अब अमेरिका में ह्यूस्टन के पुलिस चीफ ने ट्रम्प से मुंह बंद रखने को कहा है। उन्होंने कहा कि अगर आपके पास इस मुद्दे से निपटने का कोई अच्छा सुझाव नहीं है तो प्लीज अपना मुंह बंद रखें।

ट्रम्प ने सभी राज्यों के गवर्नरों के साथ एक वीडियो कॉन्फ्रेंस की थी। उन्होंने गवर्नरों को कमजोर बताते हुए कहा था कि आप कमजोरी नहीं दिखाएं दबाव बनाएं। ह्यूस्टन पुलिस चीफ ने इस पर एक न्यूज चैनल से बात करते हुए कहा कहा, ‘‘आप 2020 में लोगों को खतरे में डाल रहे हैं। यह समय लोगों का दिल जीतने का है ना कि उन्हें धमकी देने का। पूरे देश में पुलिस अधिकारी घायल हुए हैं, लोग घायल हुए हैं। ऐसे में हमें नेतृत्व की जरूरत है, लेकिन नेतृत्व हमें दुखी कर रहा है। अगर कुछ अच्छा बोलने के लिए नहीं है तो प्लीज कुछ मत बोलें।आप एक राष्ट्रपति हैं और उसके लिहाज से फैसले लीजिए। यह हॉलीवुड नहीं है। यह वास्तविक जीवन है और यह खतरे में है।’’

ट्रम्प ने कहा- एंटीफा को आतंकवादी संगठन घोषित करेंगे
बढ़ते प्रदर्शनों के बीच ट्रम्प ने एंटीफा को जिम्मेदार ठहराते हुए उसे आतंकवादी संगठन घोषित करने की मांग की है। एंटीफा का मतलब एंटी फासिस्ट होता है। फासिस्ट या फासीवाद शब्द इटली में बेनितो मुसोलिनी के संगठन ‘फासिओ डि कंबैटिमेंटो’ से आया है। फासीवादी उन्हें कहा जाता है तो दक्षिण पंथी होते हैं। इनका विरोध करने वालों को एंटी फासिस्ट या एंटिफा कहते है। अमेरिका समेत दुनिया के कई देशों में इनका संगठन है। अमेरिका में साल 2000 तक संगठन का कोई बड़ा आंदोलन नहीं हुआ था, लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार बनने के बाद इनके विरोध-प्रदर्शन बढ़ गए हैं।

प्रदर्शन के दौरान पुलिस को खाना खिलाने वाले रेस्टोरेंट मालिक की मौत
केंटकी राज्य के लुइसविले शहर में पुलिस की गोलीबारी में एक रेस्टोरेंट मालिक डेविक मैकएटी की मौत हो गई। डेविड विरोध-प्रदर्शन के दौरान लगातार पुलिस कर्मियों और नेशनल गार्ड के जवानों को खाना मुहैया करा रहे थे। सोमवार रात प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर पुलिस ने पहले आंसू गैस के गोले दागे, इसके बाद फायरिंग कर दी। इस दौरान डेविड की गोली लगने से मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि पहले भीड़ी की तरफ से गोलीबारी हुई थी। जवाब में उन्होंने भी फायर किए। लुइसविले के मेयर ग्रेग फिशर ने कहा कि इस प्रकार की गलती को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मामले की जांच शुरू हो गई है।

लुइसविले शहर में पुलिस की गोली का शिकार हुए रेस्टोरेंट मालिकडेविक मैकएटी। -फाइल फोटो

25 मई को फ्लॉयड को गिरफ्तार किया गया था
मिनेपोलिस में 25 मई को फ्लॉयड को पुलिस ने धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया था। इससे पहले एक पुलिस अफसर ने फ्लॉयड को सड़क पर दबोचा था और अपने घुटने से उसकी गर्दन को करीब आठ मिनट तक दबाए रखा था। फ्लॉयड के हाथों में हथकड़ी थी। इसका वीडियो भी वायरल हुआ था। इसमें 46 साल का जॉर्ज लगातार पुलिस अफसर से घुटना हटाने की गुहार लगाता रहा।
वीडियो में उसने कहा, 'आपका घुटना मेरे गर्दन पर है। मैं सांस नहीं ले पा रहा हूं... ।’’ धीरे-धीरे उसकी हरकत बंद हो जाती है। इसके बाद अफसर कहते हैं, ‘उठो और कार में बैठो’, तब भी उसकी कोई प्रतिक्रिया नहीं आती। इस दौरान आस-पास काफी भीड़ जमा हुई। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।



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अमेरिका के सिएटल में प्रदर्शनकारी आंसू गैस और पेपर स्प्रे से बचने ले लिए छतरी का इस्तेमाल करते हुए।


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