अमेरिकी अदालत में 26/11 के आरोपी राणा की जमानत अर्जी खारिज, कोर्ट ने कहा- यह भाग गया तो भारत से हमारे रिश्ते खराब होंगे

लॉस एंजिलिस कोर्ट ने मुंबई हमले के आरोपी तहव्वुर राणा ( 59) की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। वह पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक है। उसने 15 लाख डॉलर (करीब 11 करोड़ रुपए) भरकर जमानत मांगी थी। जज जैकलिन चूलिजन ने 21 जुलाई को अपने आदेश में कहा- जमानत मिलने के बाद राणा के भागने का डर है। इससे अमेरिका को अपनी विदेशी नीति को लेकर शर्मिंदा होना पड़ेगा। भारत के साथ हमारे रिश्ते खराब होंगे।

राणा मुंबई में हुए 26/11 हमले की साजिश में शामिल रहा है। वह इस हमले के एक अन्य आरोपी डेविड कोलमैन हेडली के बचपन का दोस्त है। राणा को भारत ने फरार घोषित किया है और पिछले महीने अमेरिका से उसे सौंपने की मांग की थी। इसके बाद 10 जून को उसे लॉस एंजिलिस में दोबारा गिरफ्तार किया गया था।

कोर्ट ने नहीं मानी राणा के वकील की दलील

कोर्ट में राणा के वकील ने दलील दी कि मेरे मुवक्किल ने बेल पैकेज के तौर पर एक मोटी रकम भरी है। उसे भारत भेजे जाने का भी डर नहीं है, क्योंकि इस मामले के आरोपी हेडली को अमेरिका ने भारत को नहीं सौंपा था। ऐसे में उसके भागने का डर नहीं है। हालांकि, कोर्ट ने इन दलीलों को दरकिनार कर दिया। कोर्ट ने कहा- राणा के खिलाफ भारत में हत्या और हत्या की साजिश का आरोप है।

पाकिस्तान के आर्मी कॉलेज में पढ़ा है राणा

राणा का जन्म पाकिस्तान में हुआ है। इसने वहां के आर्मी मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई की। वहां एक दशक तक डॉक्टरी भी की। इसके बाद वह अचानक कनाडा चला गया। कोर्ट में पेश किए गए दस्तावेजों के मुताबिक, राणा का अमेरिका के शिकागो में भी बिजनेस है। वह कनाडा, पाकिस्तान, जर्मनी और इंग्लैंड में रह चुका है। उसे 7 भाषाएं आती हैं।

राणा कनाडा गया तो वहां से नहीं लाया जा सकता

राणा को जमानत मिली और अगर वह कनाडा भाग गया तो उसे भारत लाना मुश्किल होगा। क्योंकि, कनाडा के कानून के मुताबिक, वह किसी ऐसे इंसान को भारत को नहीं सौंप सकता जिसे मौत की सजा दी जा सकती हो।

26 नवंबर 2008 को मुंबई में आतंकी हमला हुआ था

26 नवंबर 2008 को पाकिस्तान से 10 आतंकी समुद्री रास्ते से मुंबई में घुसे थे। इन्होंने मुंबई के अलग-अलग हिस्सों में खुलेआम फायरिंग शुरू कर दी थी। इसमें 166 लोगों की मौत हुई थी। इन आतंकियों से लड़ते हुए 18 सुरक्षाकर्मी शहीद हुए थे। 9 आतंकी मारे गए थे, जबकि अजमल कसाब पकड़ा गया था। कसाब को 21 नवंबर 2012 को फांसी दी गई थी।

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मुंबई हमले का आरोपी तहव्वुर राणा ( दाएं) और मुंबई के ताज होटल पर हुए हमले के बाद बाहर भागते लोग (बाएं)। राणा फिलहाल अमेरिकी पुलिस की गिरफ्त में है। -फाइल फोटो


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