चीन का रोवर मिशन टू मार्स लॉन्च, 6 पहियों वाला रोबोट तिआनवेन 1 रॉकेट से मंगल ग्रह की ओर रवाना किया

चीन ने मंगल ग्रह की तरफ कदम बढ़ा दिए। उसने गुरुवार को रोवर मिशन टू मार्स के तहत अपना तिआनवेन 1 रॉकेट लॉन्च किया। इसमें छह पहियों वाला रोबोट है। इसे हैनियान से लॉन्च किया गया। तिनानवेन शब्द का अर्थ स्वर्ग से सवाल पूछना होता है। यह फरवरी तक रेड प्लेनेट के ऑर्बिट में पहुंच जाएगा।

तीन महीने लैंडिंग की कोशिश नहीं करेगा रोवर
बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, तिआनवेन 1 में भेजा गया रोवर दो या तीन महीने तक मंगल की सतह पर लैंड करने की कोशिश नहीं करेगा। 1970 में अमेरिका ने भी यही रणनीति अपनाई थी। इस वक्त का फायदा इंजीनियर्स मंगल के हालात और वातावरण समझने में करेंगे ताकि रोवर को खतरों से बचाया जा सके।

तीसरा मिशन
सोमवार को यूएई ने मंगल ग्रह के लिए अपना होप सैटेलाइट लॉन्च किया था। अब चीन ने अपना मिशन टू मार्स लॉन्च कर दिया है। माना जा रहा है कि करीब एक हफ्ते बाद अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा नेक्स्ट जेनरेशन रोवर मंगल ग्रह की ओर लॉन्च करेगी।

प्लेन यानी समतल जगह की तलाश
चीन की कोशिश है कि जब भी उसका रोवर मंगल की सतह पर उतरे तो उसकी सेफ लैंडिंग हो। इसके लिए जरूरी है कि सतह समतल यानी प्लेन हो। अमेरिका ने साल 2000 में स्पिरिट मिशन के तहत रोवर रेड प्लेनेट पर भेजा था। खास बात ये है कि तिआनवेन 1 का डिजाइन भी काफी हद तक स्पिरिट जैसा ही है। चीन का रोवर भी मंगल की सतह का ऊपरी और अंदरूनी अध्ययन करने में मददगार साबित होगा। इसमें हाई क्वॉलिटी कैमरे लगे हैं। साथ ही यह वहां की चट्टानों और पानी का पता लगाने में भी सक्षम है।

मार्स मिशन से जुड़ी ये खबर भी आप पढ़ सकते हैं...
जापान के स्पेस सेंटर से मंगल के लिए सैटेलाइट भेजा गया, यह उपलब्धि हासिल करने वाला यूएई दुनिया का 7वां देश



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
चीन ने गुरुवार को हैनियान से अपना रोवर मिशन टू मार्स लॉन्च किया। यह फरवरी तक मंगल ग्रह की कक्षा में पहुंच सकता है।


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2Ec6YQl

Comments

Popular posts from this blog

ट्रम्प की लोकप्रियता बढ़ रही; बिडेन 43% लोगों की पसंद तो ट्रम्प को 40% लोगों का साथ, जुलाई में यह अंतर 7% से ज्यादा था

ट्रम्प मेक अमेरिका ग्रेट अगेन के नारे के साथ इस साल चुनाव जीतना चाहते हैं, जिनपिंग चीन की इमेज सुधारने की कोशिश में हैं

फ्रांस में फिर एक दिन में 14 हजार से ज्यादा मामले सामने आए, ब्रिटेन में प्रतिबंधों का विरोध; दुनिया में 3.30 करोड़ केस