यूएनएससी में भारत को मिला अमेरिका और जर्मनी का साथ, अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक बार फिर चीन और पाकिस्तान की साजिश नाकाम

युनाइडेट नेशन सिक्युरिटी कॉउंसिल (यूएनएससी) ने 1 जुलाई को एक बयान जारी किया। इसमें कराची स्टॉक एक्सचेंज पर हुए आतंकी हमले की निंदा की गई। इस हमले में सिक्युरिटी गार्ड समेत 10 लोग मारे गए थे।हालांकि, यह एक सामान्य प्रक्रिया है। ऐसे हमलों को लेकर यूएनएससी द्वारानिंदा प्रस्ताव जारी किए जाते हैं।

चीन ने मंगलवार को इस हमले पर बयान का प्रस्ताव रखा था। यह पाकिस्तान की ओर से प्रस्तावित था। इसमें हमले का जिम्मेदार भारत को बताया गया था।हालांकि, इस बयान का दूर-दूर तक भारत से कोई लेना देना नहीं था। यह और बात है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने जरूर पाकिस्तानी संसद में इस आतंकी हमले के लिए भारत को जिम्मेदार बताया था।

भारत को मिला अमेरिका-जर्मनी का साथ

इस गफलत में यह बयान जारी करने का समय दो बार आगे बढ़ाना पड़ा। चीन और पाकिस्तान की इस मिली भगत को लेकर सबसे पहले जर्मनी ने आपत्ति दर्ज कराई। इसके बाद अमेरिका ने भी अपना विरोध दर्ज करवाया। इसके बाद आखिरकार निंदा प्रस्ताव जारी किया गया।

बयान में कराची में हुए हमले की निंदा की गई

अब जो बयान पास हुआ है उसमें केवल कराची में हुए आतंकी हमले की निंदा की गई है। इसके लिए भारत या किसी और देश पर किसी तरह का कोई आरोप नहीं लगाया गया है। यह चीन और पाकिस्तान के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक बार फिर साजिश नाकाम हो जाने जैसा मामला है।



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यूएनएससी में आतंकी हमलों को लेकर निंदा प्रस्ताव जारी करना एक सामान्य प्रक्रिया है। -फाइल फोटो


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