अफगान सरकार बड़ी वारदातों में शामिल रहे तालिबान के 400 आतंकी छोड़ेगी, तीन हजार कम्युनिटी लीडर्स और पॉलिटिशियन की बैठक के बाद फैसला

अफगानिस्तान सरकार तालिबान के साथ शांति वार्ता बढ़ाने के लिए 400 हार्डकोर तालिबानी आतंकियों को छोड़ने पर राजी हो गई है। अफगानिस्तान की परिषद 'लोया जिरगा' ने यह फैसला लिया है। ये आतंकी कई जवानों और नागरिकों की हत्या में शामिल रहे हैं। अब अगले हफ्ते कतर में तालिबान और अफगान सरकार के बीच बातचीत हो सकती है। तालिबान ने इसके लिए सहमति भी दे दी है।

3000 से ज्यादा कम्युनिटी लीडर और पॉलिटिशियन की बैठक के बाद फैसला
तालिबानी कैदियों की रिहाई के बारे में फैसला लेने के लिए अशरफ गनी सरकार ने पिछले हफ्ते 3200 कम्युनिटी लीडर और पॉलिटिशियन की बैठक बुलाई थी। सभी के सुझाव पर कैदियों की रिहाई पर फैसला लिया गया। सरकार ने तालिबान से 5 हजार कैदियों को छोड़ने का वादा किया था। 4600 कैदी पहले ही छोड़े जा चुके हैं।

कैदियों को छोड़ने के लिए अमेरिका का दबाव
अमेरिका अफगानिस्तान पर शांति वार्ता आगे बढ़ाने का दबाव डाल रहा है। इस साल तीन नवंबर को अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव हैं। राष्ट्रपति ट्रम्प ने वादा किया था कि वे अफगानिस्तान से अपने सैनिकों को निकालेंगे। ट्रम्प चाहते हैं कि जल्द से जल्द शांति वार्ता आगे बढ़े और वह सैनिकों की निकासी की प्रक्रिया शुरू कर सकें। इसके लिए वह अफगान सरकार पर तालिबान की हर शर्त मानने का दबाव बना रहे हैं। अमेरिका के रक्षा मंत्री मार्क एस्पर ने कहा है कि अफगानिस्तान में नवंबर तक 5 हजार से भी कम अमेरिकी सैनिक रह जाएंगे।

बड़ी वारदातों में शामिल रहे हैं ये आतंकी
छोड़े जाने वाले 400 तालिबानी आतंकी बड़ी वारदातों में शामिल रहे हैं। 2017 में जर्मनी के दूतावास के पास ट्रक ब्लास्ट की वारदात को भी इन्होंने ही अंजाम दिया था। इसमें 150 लोग मारे गए थे। इसमें कई आतंकी हक्कानी नेटवर्क के भी हैं जो तालिबान के साथ मिलकर काम करते थे।

मानवाधिकार समूहों ने चिंता जताई
सरकार के इस फैसले पर मानवाधिकार समूहों ने चिंता जताई है। अफगानिस्तान के नागरिकों में भी नाराजगी है। उनका कहना है कि दबाव में लिए गए फैसलों से शांति नहीं आएगी।

ये खबरें भी पढ़ सकते हैं...

1. अफगानिस्तान से लौटे सिख:अफगान पहाड़ी इलाकों में तालिबान आतंकी जानवरों की तरह घूमते हैं, वो मेरी उंगलियां और नाक काटने की बात कहते थे

2. अफगानिस्तान की बहादुर बेटी:माता-पिता की हत्या के बाद 16 साल की अफगानी लड़की ने एके-47 से तालिबान के 2 आतंकियों को मार गिराया, कई भागने पर मजबूर



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में लोया जिरगा की बैठक में मौजूद राष्ट्रपति अशरफ गनी (बीच में मास्क लगाए)। इस बैठक में तालिबानी आतंकियों को छोड़ने का फैसला लिया गया है।


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/30FU5Xm

Comments

Popular posts from this blog

चीन ने कहा- हमारा समुद्री अधिकार नियम के मुताबिक, जवाब में ऑस्ट्रेलिया बोला- उम्मीद है आप 2016 का फैसला मानेंगे

अफगानिस्तान सीमा को खोलने की मांग कर रहे थे प्रदर्शनकारी, पुलिस ने फायरिंग की; 3 की मौत, 30 घायल

रूलिंग पार्टी की बैठक में नहीं पहुंचे ओली, भारत से बिगड़ते रिश्ते के बीच इस्तीफे से बचने की कोशिश