फिलीपींस में दो आतंकी हमले, 5 सैनिक और 6 नागरिक मारे गए; हमलावरों में एक महिला शामिल थी

फिलीपींस के जोलो प्रांत में सोमवार दोपहर दो आतंकी हमलों में 11 लोगों के मारे जाने की खबर है। मरने वालों का आंकड़ा बढ़ सकता है क्योंकि 35 से ज्यादा लोग घायल बताए गए हैं। इनमें से कुछ की हालत गंभीर है। मारे गए लोगों में पांच सैनिक और 6 नागरिक हैं। घायलों में सैनिकों की तादाद ज्यादा है।

कैसे हुआ हमला
पुलिस के मुताबिक, घटना जोलो प्रांत के मुस्लिम बहुल इलाके सुलू में हुई। यहां दो सड़कों पर ये हमले हुए। पहले हमले में बाइक पर आईईडी लगाई गई थी। इसके धमाके में पांच सैनिक और पांच नागरिक मारे गए। 15 लोग घायल हुए। इनमें ज्यादातर सैनिक हैं। दूसरी हमला महिला फिदायीन ने करीब 200 मीटर दूरी पर किया। उसने खुद को उड़ा लिया। इसमें एक व्यक्ति की मौत हो और 18 लोग घायल हुए।

सैनिक ही थे निशाने पर
फिलीपींस की कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि हमलावरों के निशाने पर सैनिक ही थे। यहां से कुछ किलोमीटर दूर मिलिट्री बेस है। सैनिकों की गाड़ियां आती-जाती रहती हैं। बाजार में सैनिक खरीदारी करने भी आते हैं। आतंकियों ने इसका ही फायदा उठाया। यहां अबु सयाफ नाम का आतंकी गुट सक्रिय है।

सेना की इंटेलिजेंस यूनिट भी एक्टिव
घटना के जांच के लिए लोकल पुलिस के साथ मिलिट्री इंटेलिजेंस यूनिट को भी लगाया गया है। पूरे इलाके को सील कर दिया गया है। पुलिस ने मौके के कुछ सबूत जुटाए हैं। घटना की जिम्मेदारी अब तक किसी संगठन ने नहीं ली है। लेफ्टिनेंट जनरल रोनाल्डो मेतियो ने कहा- हमें कुछ सुराग हाथ लगे हैं। गुनाहगार चाहे जहां हों, हम जल्द उन्हें खोज निकालेंगे।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
फिलीपींस के जोलो प्रांत के सुलू में सोमवार दोपहर दो आतंकी हमले हुए। इनमें 11 लोगों की मौत हुई। घटना के बाद सेना ने इलाके को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस की जांच में मिलिट्री की इंटेलिजेंस यूनिट भी मदद कर रही है।


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2EwiWnQ

Comments

Popular posts from this blog

ट्रम्प की लोकप्रियता बढ़ रही; बिडेन 43% लोगों की पसंद तो ट्रम्प को 40% लोगों का साथ, जुलाई में यह अंतर 7% से ज्यादा था

ट्रम्प मेक अमेरिका ग्रेट अगेन के नारे के साथ इस साल चुनाव जीतना चाहते हैं, जिनपिंग चीन की इमेज सुधारने की कोशिश में हैं

फ्रांस में फिर एक दिन में 14 हजार से ज्यादा मामले सामने आए, ब्रिटेन में प्रतिबंधों का विरोध; दुनिया में 3.30 करोड़ केस