भारतीय सॉफ्टवेयर डेवलपर समेत 5 प्रवासियों को समारोह में दी गई अमेरिका की नागरिकता; ट्रम्प बोले- मैंने प्रवासियों के लिए काफी कुछ किया

विवादित वीजा पॉलिसी और अप्रवासी नागरिकों को लेकर लिए गए फैसले पर फजीहत करा चुके अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प अब प्रवासी नागरिकों को चुनावी फायदा के लिए साधने में जुट गए हैं। बुधवार को इसकी बानगी देखने को मिली। ट्रम्प ने व्हाइट हाउस में न केवल प्रवासियों के नागरिकता शपथ समारोह की अध्यक्षता की बल्कि खुद को प्रवासियों का सबसे बड़ा हितैषी भी बताया।

न्यूज एजेंसी के मुताबिक, व्हाइट हाउस में रिपब्लिकन नेशनल कन्वेंशन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने लीगल इमिग्रेशन पर अपना समर्थन दिखाया। इस दौरान भारतीय सॉफ्टवेयर डेवलपर सुधा सुंदरी समेत 5 प्रवासियों को अमेरिकी नागरिकता की शपथ दिलाई।

इस दौरान उन्होंने दावा किया कि उनके 4 साल के कार्यकाल में प्रवासियों के लिए काफी कुछ किया गया। 10 मिनट के इस समारोह में ट्रम्प ने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर राजनीतिक फायदा उठाने के लिए उन्हें प्रवासियों के खिलाफ बताने की कोशिश में जुटे रहे।

ट्रम्प ने भारतीय सॉफ्टवेयर डेवलपर सुधा सुंदरी को अमेरिकी नागरिकता की शपथ दिलाई।

भारतीय परिवेश में दिखीं सुधा

समारोह में सुधा भारतीय परिवेश में दिखीं। इसे ट्रम्प ने भी नोटिस किया। उन्होंने सुधा सुंदरी नारायणन के बारे में बताया कि वह 13 सालों से अमेरिका में रह रही हैं और उनके परिवार में उनके पति और दो प्यारे बच्चे हैं। ट्रम्प ने उनकी ओर सिर घुमाकर पूछा, 'वे आपके जीवन की बेशकीमती चीज हैं, सही कहा?' इस पर नारायणन ने ‘हां’ में सिर हिलाया।

सुधा के साथ होमलैंड सिक्यॉरिटी सेक्रटरी चाड वुल्फ ने सूडान की एक पशुचिकित्सक, एक बोलिविया, एक लेबनान और एक घाना से आए प्रवासियों को अमेरिका की नागरिकता दिलाई। ट्रम्प इस कार्यक्रम के जरिए खुद को प्रवासियों का सबसे बड़ा हितैषी बताने में जुटे थे। यही कारण है कि उन्होंने अलग-अलग संस्कृति और समुदाय के लोगों को नागरिकता देने के लिए चुना।

रिपब्लिकन ने ट्रम्प को नरम दिल इंसान के रूप में पेश करने की मुहिम शुरू की

अमेरिका में रिपब्लिकन पार्टी मानने लगी है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का उग्र स्वभाव उनकी चुनावी जीत में बड़ी बाधा बन सकता है। प्रतिद्वंद्वी डेमोक्रेट उम्मीदवार जो बिडेन अपने शांत स्वभाव का फायदा पा सकते हैं। इसलिए अब रिपब्लिकन ने ट्रम्प को नरम दिल इंसान के रूप में पेश करने की मुहिम शुरू कर दी है।

इसका मकसद उन उपनगरीय वोटरों का विश्वास दोबारा हासिल करना है, जो कोरोना संकट में ट्रम्प के रूखे स्वभाव ओर झूठ के चलते उनसे दूर होते जा रहे हैं। ट्रम्प की 2016 की जीत में इन वोटरों की अहम भूमिका थी।

इन उपनगरों में गरीब, अश्वेत, प्रवासी लोग ज्यादा रहते हैं

फॉक्स न्यूज सर्वे के मुताबिक ट्रम्प ने तब उत्तरी कैरोलिना के उपनगरों को 24 अंकों से जीता था। इस बार वे यहां 21 अंकों से हार सकते हैं। फ्लोरिडा में ट्रम्प 10 अंकों से जीते थे। वहां अब 6 अंकों से हार सकते हैं। रिपब्लिकन राष्ट्रपति चुनाव में उपनगरों में 1980 से सिर्फ तीन बार 1992, 1996, 2008 में हारी है। इन उपनगरों में गरीब, अश्वेत, प्रवासी लोग ज्यादा रहते हैं।

उधर, ट्रम्प की चुनाव अभियान टीम ने ‘नो मिस्टर नाइस गाई’ (कोई नरम दिल इंसान नहीं है) विज्ञापन जारी किया है। इसका मकसद डेमोक्रेट के उस अभियान को निशाना बनाना है, जिसमें प्रचारित किया गया था कि बिडेन करुणा के प्रतीक हैं।



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व्हाइट हाउस में प्रवासियों के नागरिकता शपथ समारोह की अध्यक्षता करते राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प।


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