भारतवंशी रिपोर्टर ने पूछा- राष्ट्रपति बनने के साढ़े तीन साल बाद क्या आपको अमेरिकियों से बोले झूठों पर पछतावा है?

भारतवंशी रिपोर्टर एसवी दाते ने अमेरिकी राष्ट्रपति से एक सवाल पूछने के लिए पांच साल तक इंतजार किया है। आखिरकार गुरुवार को उन्हें यह मौका मिल ही गया। व्हाइट हउस में प्रेस ब्रीफिंग में दाते ने ट्रम्प से पूछा- राष्ट्रपति बनने के साढ़े तीन साल गुजरने के बाद क्या आपको अमेरिकी लोगों से बोले गए अपने सभी झूठ पर पछतावा है।

दाते के सवाल पर उन्होंने ऐसी प्रतिक्रिया दी, जैसे की उन्होंने सवाल सुना ही न हो और पूछा- सभी क्या?
इस पर दाते ने कहा- आपके सारे झूठ, सारी बेईमानियां।
ट्रम्प ने कहा- किसने किया है?
दाते ने कहा- आपने किया है।
दाते हफिंगटन पोस्ट में व्हाइट हाउस संवाददाता हैं। इसके बाद वे पेरोल टैक्स को लेकर सवाल कर ही रहे थे कि ट्रम्प अगले सवाल की ओर बढ़ गए।

9 जुलाई को ट्रम्प के 20 हजार झूठ पूरे: दावा

जुलाई में वॉशिंगटन पोस्ट ने बताया कि ट्रम्प ने राष्ट्रपति रहने के दौरान 20 हजार से ज्यादा झूठे या भ्रामक दावे किए हैं। न्यूज पेपर के मुताबिक, 9 जुलाई को झूठे दावों का आंकड़ा 20 हजार पहुंच गया। उसी दिन उन्होंने 62 झूठे दावे किए थे।

पहली बार सवाल पूछने का मौका मिला

‘गार्जियन’ से बात करते हुए दाते ने कहा कि उन्होंने यह सवाल इसलिए पूछा, क्योंकि उन्हें पहली बार इसके लिए मौका मिला था। मुझे नहीं पता कि उन्होंने मुझे क्यों बुलाया, क्योंकि मैंने उनसे मार्च में भी यह सवाल पूछने की कोशिश की थी। उस समय उन्होंने बीच में ही सवाल काट दिया था। इस बार शायद उन्होंने मुझे नहीं पहचाना। उनके पास कुछ लोगों का एक ग्रुप है जो उनसे नॉर्मल सवाल करते हैं।

ट्रम्प की प्रतिक्रिया से दाते को कोई आश्चर्य नहीं हुआ। वे जानते थे कि ट्रम्प ऐसे ही अनदेखा कर देंगे।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
व्हाइट हाउस में गुरुवार को प्रेस ब्रीफिंग के दौरान रिपोर्टर के सवाल का जवाब देते राष्ट्रपति ट्रम्प।


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2CuL0aM

Comments

Popular posts from this blog

ट्रम्प की लोकप्रियता बढ़ रही; बिडेन 43% लोगों की पसंद तो ट्रम्प को 40% लोगों का साथ, जुलाई में यह अंतर 7% से ज्यादा था

ट्रम्प मेक अमेरिका ग्रेट अगेन के नारे के साथ इस साल चुनाव जीतना चाहते हैं, जिनपिंग चीन की इमेज सुधारने की कोशिश में हैं

फ्रांस में फिर एक दिन में 14 हजार से ज्यादा मामले सामने आए, ब्रिटेन में प्रतिबंधों का विरोध; दुनिया में 3.30 करोड़ केस