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Showing posts from September, 2020

नाबालिग हिंदू लड़की ने गैंगरेप और ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर खुदकुशी की, जमानत पर बाहर हैं आरोपी

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पाकिस्तान के सिंध प्रांत में नाबालिग हिंदू लड़की ने गैंगरेप के बाद ब्लैकमेल से परेशान होकर खुदकुशी कर ली। लड़की को पिछले साल जुलाई में घर से तीन लोगों ने अगवा किया था। बाद में उसके साथ रेप हुआ। आरोपियों ने इसका वीडियो बना लिया था। इस मामले में केस दर्ज हुआ था और आरोपी गिरफ्तार भी हुए थे। लेकिन, कुछ दिन बाद ही उन्हें बेल मिल गई थी। जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने पीड़िता को ब्लैकमेल किया। बाद में उसने खुदकुशी कर ली। कुएं में कूदकर खुदकुशी ‘डॉन न्यूज’ के मुताबिक, नाबालिग लड़की ने बुधवार सुबह एक कुएं में कूदकर जान दे दी। उसका गांव सिंध के थारपारकर जिले में आता है। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल जुलाई में तीन लोग लड़की को अगवा करके ले गए थे। उसके साथ गैंगरेप किया गया और इसका वीडियो भी बना लिया गया। लड़की के परिवार की शिकायत पर केस दर्ज हुआ और आरोपियों की गिरफ्तारी भी। लेकिन, कुछ ही दिन में वे जमानत पर बाहर आ गए। ब्लैकमेल किया गया लड़की के परिवार ने कहा- आरोपी जमानत पर थे। ये सभी दबंग परिवारों के हैं। उन्होंने पीड़िता को ब्लैकमेल किया। इससे परेशान होकर उसने खुदकुशी कर ली। जिले के एसएसपी

पोप फ्रांसिस ने अमेरिकी विदेश मंत्री से मिलने से इनकार किया; वेटिकन ने कहा- चुनावी साल में वे नेताओं से नहीं मिलते

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कैथोलिक ईसाइयों के सबसे बड़े धर्मगुरू पोप फ्रांसिस ने बुधवार को अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो से मिलने से इनकार कर दिया। पोप वेटिकन सिटी में रहते हैं। वेटिकन ने एक बयान में कहा- अमेरिका में इस वक्त चुनाव प्रक्रिया चल रही है। चुनावी दौर में पोप किसी नेता से मुलाकात नहीं करते। हालांकि, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि पोम्पियो ने पोप से मिलने से पहले चीन में मानवाधिकार उल्लंघन को लेकर एक बयान दिया था। वेटिकन नहीं चाहता था कि पोम्पियो वेटिकन का इस्तेमाल सियासी फायदे के लिए करें। वेटिकन का आरोप पोम्पियो चार देशों की यात्रा के तहत वेटिकन सिटी पहुंचे थे। यहां पहुंचने से पहले उन्होंने कहा था कि चीन में मानवाधिकारों का उल्लंघटन हो रहा है। वहां बाकी लोगों के साथ ईसाइयों को भी परेशान किया जा रहा है। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, वेटिकन के अफसर इसी बयान को लेकर नाराज थे। इसलिए, जब पोम्पियो ने पोप फ्रांसिस से मिलना चाहा तो वेटिकन ने इससे इनकार कर दिया। वेटिकन ने कहा- चुनावी दौर में पोप किसी नेता से नहीं मिलते। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पोम्पियो से पोप से मुलाकात का इस्तेमाल सियासी

ट्रम्प ने सिर्फ दो विकल्प दिए हैं- इनमें बाइडेन की जीत शामिल नहीं है, इसे गंभीरता से लीजिए

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बीते कुछ हफ्तों में ट्रम्प एक बात साफ करते आए हैं। पहली प्रेसिडेंशियल डिबेट में तो उन्होंने इस बिल्कुल साफ कर दिया। ट्रम्प के मुताबिक, 3 नवंबर के राष्ट्रपति चुनाव में मतदाताओं के सामने सिर्फ दो विकल्प हैं। इनमें डेमोक्रेट कैंडिडेट जो बाइडेन की जीत शामिल नहीं है। इसका मतलब ये है कि चुनाव ट्रम्प ही जीतेंगे। अगर हारे तो मेल इन बैलट्स को गैरकानूनी या अमान्य घोषित कर देंगे। इस चेतावनी या कहें वॉर्निंग को गंभीरता से लेना चाहिए। ट्रम्प क्या चाहते हैं राष्ट्रपति की बात को समझिए। इसमें पारदर्शिता यानी ट्रांसपेरेंसी जैसी कोई चीज नहीं है। अगर वे चुनाव नहीं जीत पाते हैं तो फैसला सुप्रीम कोर्ट या हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में होगा। अब आप दोनों की स्थिति को समझिए। दोनों ही जगह ट्रम्प फायदे में हैं। और यही बात वो कई हफ्तों से और कई मंचों से दोहरा चुके हैं। इससे ज्यादा और क्या साफ हो सकता है मैं इस बारे में और ज्यादा साफ क्या कहूं कि- हमारा लोकतंत्र इस वक्त भयानक खतरे का सामना कर रहा हूं। ये खतरा सिविल वार, पर्ल हार्बर और क्यूबा के मिसाइल क्राइसिस से भी बड़ा है। इतना बड़ा खतरा तो वॉटरगेट कांड के ब

इजराइल में प्रतिबंधों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन नहीं कर सकेंगे लोग, नया कानून पास; दुनिया में 3.41 करोड़ केस

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दुनिया में संक्रमितों का आंकड़ा 3.41 करोड़ से ज्यादा हो गया है। ठीक होने वाले मरीजों की संख्या 2 करोड़ 54 लाख 20 हजार 056 से ज्यादा हो चुकी है। मरने वालों का आंकड़ा 10.18 लाख के पार हो चुका है। ये आंकड़े https://ift.tt/2VnYLis के मुताबिक हैं। इजराइल में लोग अब प्रतिबंधों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन नहीं कर सकेंगे। इसको लेकर यहां सरकार ने एक कानून पास कर दिया है। इजराइल : सरकार सख्त इजराइल में पिछले कुछ दिनों से लोग प्रतिबंधों का विरोध कर रहे हैं। इनका कहना है कि सरकार कोरोनावायरस की रोकथाम के नाम पर मनमाने प्रतिबंध लगा रही है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से इस्तीफे की मांग की जा रही है। लेकिन, सरकार ने भी सख्त रुख अपना लिया है। संसद में एक कानून पास किया गया है। इसके तहत अब विरोध प्रदर्शन गैरकानूनी होंगे और ऐसे लोगों को गिरफ्तार किया जा सकेगा। नए कानून के तहत लोग एक किलोमीटर से ज्यादा की यात्रा भी नहीं कर सकेंगे। इसके अलावा 20 से ज्यादा लोगों के एक जगह जुटने पर पाबंदी लगा दी गई है। सरकार का कहना है कि वैक्सीन अब तक नहीं आई है और संक्रमण की दूसरी लहर का खतरा है। लिहाजा, सख्ती जरूरी ह

अमेरिका के 12 राज्यों के 100 जंगलों में आग फैली, 10 लाख से ज्यादा लोग घर छोड़ने को मजबूर; ब्राजील के जंगलों में लगी आग पराग्वे तक पहुंची

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दुनिया के तीन देश अमेरिका, ब्राजील और पराग्वे वैश्विक महामारी के दौर में वाइल्ड फायर (जंगल की आग) से जूझ रहे हैं। अमेरिका में पिछले एक माह से आग लगी हुई है, जो 12 पश्चिमी राज्यों में 100 से ज्यादा जंगलों में फैल गई है। इनमें सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य कैलिफोर्निया और ओरेगन है। इन दो राज्यों में जंगल की आग 4250 वर्ग किमी क्षेत्र में फैल गई है। दोनों राज्यों के करीब 10 लाख लोगों को घर छोड़ना पड़ा है। मंगलवार रात अमेरिका के उत्तर कैलिफोर्निया की वाइन काउंटी में आग भड़क गई। इसकी चपेट में आकर तीन लोगों की मौत हो गई। वहीं, 70 हजार लोगों को बचा लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि 15 हजार से ज्यादा दमकलकर्मी आग बुझाने में लगे हैं। हेलीकॉप्टर और हवाई जहाज की मदद ली जा रही है। समुद्र के किनारे के इलाकों में 70-80 किमी की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। इससे आग और तेजी से फैल रही है। ब्राजील: आग में जले सैकड़ों जानवर ब्राजील के पेंटानल के जंगलों में लगी भीषण आग से सैंकड़ों जानवरों की मौत हो गई है। ब्राजील में दुनिया का सबसे बड़ा वेटलैंड जंगल है। लेकिन इस भयावह आग के कारण जमीन की नमी खत्म हो गई है। ब्राजी

सात राजनीतिक पार्टियों ने लिबरल नेता एलेक्जेंडर डी क्रू को नया पीएम चुना, फिलहाल वे देश के वित्त मंत्री हैं

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बेल्जियम में 493 दिन बाद बुधवार को देश के अगले प्रधानमंत्री के नाम का ऐलान किया गया। लिबरल नेता एलेक्जेंडर डी क्रू देश के अगले पीएम होंगे। वे सात पार्टियों के गठबंधन से बनने वाली सरकार की अगुआई करेंगे। नए गठबंधन में दो सोशलिस्ट पार्टी, दो लिबरल, दो ग्रीन और फ्रेंच बोलने वालों और फ्लेमिश बोलने वालों की अगुआई करने वाली एक-एक पार्टी शामिल होगी। 44 साल के डी क्रू फिलहाल बेल्जियम के वित्त मंत्री के तौर पर सेवाएं दे रहे हैं। उन्हें बेल्जियम के राजा गुरुवार को पद की शपथ दिलाएंगे। 21 महीने पहले पूर्व पीएम चार्ल्स मिशेल की सरकार गिरने के बाद से ही बेल्जियम में प्रधानमंत्री पद खाली है।16 महीने पहले चुनाव भी हुए थे लेकिन, चुनाव में भी किसी पार्टी को बहुमत नहीं मिला सका था। इसके बाद सोफी विलम्स को कार्यकारी प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया था। संसद में संतुलन बनाने की कोशिश देश की सात पार्टियों ने बुधवार सुबह प्रधानमंत्री चुनने और सरकार बनाने के बारे में चर्चा करने के लिए बैठक की। इसके बाद इन पार्टियों के नेताओं ने किंग फिलिप से मुलाकात की। नेताओं ने किंग फिलिप से सरकार बनाने और मंत्रीमंडल गठन पर

पेरिस में राफेल ने आवाज से भी तेज रफ्तार से उड़ान भरी, इतनी जोर से आवाज आई कि लोगों को लगा कहीं बम फटा है

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फ्रांस की राजधानी पेरिस में बुधवार को धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। इसके बाद पुलिस ने कहा कि यह किसी बम धमाके की आवाज नहीं थी। ध्वनि की रफ्तार से भी तेज उड़ान भर रहे एक राफेल प्लेन से यह आवाज निकली थी। न्यूज एजेंसी स्पुतनिक के मुताबिक, राफेल ने रेडियो सिग्नल से संपर्क खो चुके एक प्लेन की मदद के लिए उड़ान भरी थी। इसे मुश्किल में फंसे प्लेन की मदद के लिए इतनी तेजी से उड़ान भरने की मंजूरी दी गई थी। पेरिस के पूर्वी इलाके में यह धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। आवाज इतनी तेज थी कि लोगों की खिड़कियां तक हिलनी लगी। इसके बाद लोग डर गए। काफी लोगों ने पुलिस को फोन कर शहर में कहीं पर धमाके होने की शिकायत की। इसके बाद पुलिस ने इस बारे में बताया। बीते हफ्ते पेरिस में शार्ली एब्दो के दफ्तर के पास चाकूबाजी हुई थी बीते हफ्ते पेरिस के शार्ली एब्दो अखबार के ऑफिस के सामने चाकूबाजी हुई थी। इसमें चार लोग घायल हुए थे। पुलिस ने एक हमलावर को गिरफ्तार किया था। इसके बाद से ही पेरिस के लोगों में डर हैं। इसी महीने आतंकी संगठन अल कायदा ने भी फ्रांस पर हमले की धमकी दी थी। दरअसल, शार्ली एब्दो ने हाल ही में दोबारा पैगंबर मुहम्म

प्रेसिडेंशियल डिबेट में बाइडेन का आरोप- ट्रम्प जोकर और झूठे, उन्होंने देश को बांटा; ट्रम्प बोले- ओबामा के दौर में ज्यादा नस्लीय बंटवारा हुआ

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अमेरिका में राष्ट्रपति पद के दो उम्मीदवारों के बीच पहली प्रेसिडेंशियल डिबेट हुई । राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और उन्हें चुनौती दे रहे डेमोक्रेट उम्मीदवार जो बाइडेन के बीच ओहायो के क्लीवलैंड में 90 मिनट की बहस हुई। कोरोना को लेकर बाइडेन ने आरोप लगाए कि राष्ट्रपति के पास बीमारी की रोकथाम का कोई प्लान नहीं है। ट्रम्प ने कहा कि अगर इस वक्त सत्ता में बाइडेन होते तो 20 करोड़ मौतें हो चुकी होतीं। बाइडेन ने ट्रम्प को झूठा और जोकर तक कह दिया। मॉडरेटर फॉक्स न्यूज के एंकर क्रिस वॉलेस थे। 2016 में ट्रम्प और हिलेरी क्लिंटन की पहली डिबेट भी वॉलेस ने ही कराई थी। हॉल में सिटिंग अरेंजमेंट सोशल डिस्टेंसिंग के तहत ही किया गया था। ट्रम्प की पत्नी मेलानिया और बेटी इवांका भी मौजूद रहीं। दोनों कैंडिडेट्स को क्लीवलैंड के सैमसन पवेलियन पहुंचना था। ट्रम्प स्थानीय समयानुसार रात 8:31 बजे, जबकि बाइडेन 8:33 बजे पहुंचे। स्टेज पर पहुंचने से पहले उन्होंने सलाहकारों से बातचीत की। दोनों ने किस मुद्दे पर क्या तर्क रखे सुप्रीम कोर्ट बाइडेन : डेमोक्रेट कैंडिडेट बाइडेन ने कहा- चुनाव बिल्कुल सामने हैं। लिहाजा, ट्रम्प एडम

वॉल्ट डिज्नी ने कहा- 28 हजार कर्मचारियों की छंटनी करेंगे, हालात बहुत मुश्किल; दुनिया में 3.38 करोड़ केस

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दुनिया में संक्रमितों का आंकड़ा 3.38 करोड़ से ज्यादा हो गया है। ठीक होने वाले मरीजों की संख्या 2 करोड़ 51 लाख 45 हजार 067 से ज्यादा हो चुकी है। मरने वालों का आंकड़ा 10.12 लाख के पार हो चुका है। ये आंकड़े https://ift.tt/2VnYLis के मुताबिक हैं। वॉल्ट डिज्नी कंपनी ने मंगलवार रात जारी बयान में कहा कि थीम पार्क में कम लोगों के आने की वजह से उसके बिजनेस पर गंभीर असर हुआ है। कंपनी के मुताबिक, वो 28 हजार कर्मचारियों की छंटनी करेगी। फ्रांस में संक्रमण की दूसरी लहर में मामले फिर तेजी से बढ़े हैं। वॉल्ट डिज्नी ने क्या कहा द गार्डियन के मुताबिक, वॉल्ट डिज्नी कंपनी थीम पार्क बिजनेस सेक्टर में 28 हजार कर्मचारियों की छंटनी करने जा रही है। कंपनी के मुताबिक, उसके थीम पार्क में आने वाले लोगों की संख्या काफी कम हुई है। इसकी वजह महामारी है। लिहाजा, कंपनी को यह मुश्किल फैसला लेना पड़ रहा है। कंपनी के एक अफसर जोस डीएमरो ने कहा- आप सोच सकते हैं कि एक कंपनी के तौर पर यह फैसला हमारे लिए कितना मुश्किल होगा। कई महीनों से हमारा मैनेजमेंट इस बारे में कोशिश कर रहा था कि लोगों की नौकरी बचाई जाए। हमने कई कदम भी उठा

डेमोक्रेट बाइडेन का आरोप- कोरोना के लिए राष्ट्रपति के पास कोई प्लान नहीं, ट्रम्प बोले- अगर इस वक्त बाइडेन इन्चार्ज होते तो 20 करोड़ मौतें होतीं

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अमेरिका में राष्ट्रपति पद के दो उम्मीदवारों के बीच पहली प्रेसिडेंशियल डिबेट शुरू हो चुकी है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और उनको चुनौती दे रहे डेमोक्रेट उम्मीदवार ओहायो के क्लीवलैंड में आमने-सामने हैं। कोरोनावायरस की वजह से इस बार तस्वीर कुछ बदली हुई है। डिबेट 90 मिनट चलेगी। कोरोना को लेकर बाइडेन ने आरोप लगाए कि राष्ट्रपति के पास बीमारी की रोकथाम का कोई प्लान नहीं है। ट्रम्प ने कहा कि अगर इस वक्त सत्ता में बाइडेन होते तो 20 करोड़ मौतें हो चुकी होतीं। बाइडेन ने ट्रम्प को झूठा भी बताया। फॉक्स न्यूज के एंकर क्रिस वॉलेस हैं। 2016 में ट्रम्प और हिलेरी क्लिंटन की पहली डिबेट भी वॉलेस ने ही कराई थी। हॉल में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा रहा है। राष्ट्रपति ट्रम्प की पत्नी मेलानिया और बेटी इवांका भी मौजूद हैं। दोनों कैंडिडेट्स को क्लीवलैंड के सैमसन पवैलियन पहुंचना था। ट्रम्प स्थानीय समयानुसार रात 8:31 बजे, जबकि बाइडेन 8:33 बजे पहुंचे। स्टेज पर पहुंचने से पहले उन्होंने सलाहकारों से बातचीत की। इन 6 मुद्दों पर बहस पहली डिबेट में कुल 6 मुद्दे हैं। ये इस तरह हैं- दोनों कैंडिडेट्स के रिकॉर्ड, सुप

चीन ने लद्दाख में भारत की ओर से बनाई जा रही ढांचागत सुविधाओं का विरोध किया, कहा- कोई ऐसा कदम न उठाया जाए जिससे तनाव बढ़े

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चीन ने मंगलवार को लद्दाख के सीमाई इलाकों में भारत की ओर से मिलिट्री से जुड़ी ढांचागत सुविधाएं बनाने पर ऐतराज जताया। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने कहा- भारत ने गैर कानूनी ढंग से लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाया है। चीन इसे मान्यता नहीं देता। वह लद्दाख में चीन से सटी ऊंचाई वाले इलाकों में रोड नेटवर्क तैयार कर रहा है। वेनबिन ने कहा- हम सीमाई इलाकों में मिलिट्री के इस्तेमाल के मकसद से ढांचागत सुविधाएं बनाने का विरोध करते हैं। दोनों देशों के बीच बनी सहमति के मुताबिक, कोई भी ऐसा कदम नहीं उठाया जाना चाहिए जिससे तनाव बढ़े। एलएसी पर हमारी ओर से ढांचे तैयार करने की खबरें झूठीं: चीन उन्होंने चीन की ओर से भारत सीमा पर तैयार की जा रही ढांचागत सुविधाओं से जुड़े सवाल पर कहा- कुछ संस्थानों ने ऐसी रिपोर्ट जारी की हैं, जोकि पूरी तरह झूठी हैं। इन्हें गलत मकसद से जारी किया गया है। चीन भारत के साथ हुए समझौतों का कड़ाई से पालन करता है। हम भारत से सटी सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखना चाहतें हैं। हालांकि, हम अपनी संप्रभुता और सीमा की रक्षा करने के लिए भी दृढ़ हैं। ‘एलएसी पर चीन की गतिव

एमेनेस्टी ने केंद्र सरकार पर दो साल से परेशान करने का आरोप लगाया; गृह मंत्रालय ने कहा- उसे काम करने की पूरी आजादी

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ह्यूमन राइट्स के लिए काम करने वाले संगठन एमेनेस्टी इंटरनेशनल ने मंगलवार को देश में अपना काम बंद कर दिया। संगठन ने कहा कि गृह मंत्रालय हमें पिछले दो साल से परेशान कर रहा था। इस पर गृह मंत्रालय ने कहा- एमेनेस्टी को भारत में काम करने करने की पूरी आजादी है। हालांकि, भारतीय कानून के मुताबिक विदेशी फंड पाने वाली संस्था यहां की राजनीतिक चर्चाओं में दखल नहीं दे सकतीं। यह एमेनेस्टी समेत सभी संगठनों पर लागू होता है। एमेनेस्टी इंटरनेशनल ने फॉरेन कंट्रीब्यूशन ( रेगुलेशन) एक्ट, 2010 (एफसीआरए) कानून तोड़ा है। सरकार ने कहा- कानून तोड़ने के लिए मानवाधिकार की आड़ नहीं ली जा सकती है। उन्होंने भारतीय कानून तोड़ा है। अब इसे छिपाने के लिए बयान दे रहे हैं। वे अपनी गड़बडिय़ों की जांच कर रही एजेंसियों की जांच प्रभावित करने के लिए ऐसा कर रहे हैं। एमेनेस्टी ने भारत की चार संस्थाओं को गैर कानूनी ढंग से पैसे भेजे गृह मंत्रालय ने कहा- एमेनेस्टी ने 20 साल पहले सिर्फ एक बार 20 दिसंबर 2000 को एफसीआरए के तहत मंजूरी ली थी। इसके बाद लगातार आवेदन दिए जाने के बाद इसे विदेशी फंड पाने की इजाजत नहीं दी गई, क्योंकि भारतीय का

शेख सबा का 91 साल की उम्र में निधन, लंबे समय से अमेरिका में इलाज करा रहे थे

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कुवैत के अमीर शेख सबा अल-अहमद अल-सबा की मंगलवार को अमेरिका के एक अस्पताल में निधन हो गया। वे 91 साल के थे और काफी समय से बीमार चल रहे थे। न्यूज एजेंसी स्पुतनिक के मुताबिक, अमीर के निधन की पुष्टि उनके एक मंत्री ने की। वे शेख जबर अल-सबा के निधन के बाद जनवरी 2006 में कुवैत के अमीर बने थे। वे शेख जबर-अल सबा के चौथे बेटे हैं। अल जजीरा के मुताबिक, शेख सबा जुलाई में इलाज के लिए अमेरिका गए थे। उन्हें लाने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने विमान भेजा था। इस पर कुवैत के क्राउन के लेटर लिखकर उन्हें थैंक्स कहा था। 2002 में उन्होंने अपेंडिक्स हटवाया था इससे पहले 2002 में उन्होंने अपेंडिक्स हटवाया था। इसके दो साल के बाद पेस मेकर फिट कराया और 2007 में उन्होंने अमेरिका में यूरीन नली की सर्जरी कराई। फिलहाल, अमेरिका में ही उनका इलाज चल रहा था। कुवैत के टीवी चैनलों ने अपने रेगुलर प्रोग्राम को रोक दिया। जब भी गल्फ अरब स्टेट के सत्तारूढ़ परिवार के किसी सीनियर मेंबर की मौत होती है, तो टीवी चैनल ऐसा करते हैं। कुवैत में अमेरिकी दूतावास ने कहा- अमीर शेख ने इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता लाने के

ट्रम्प बोले- इकोनॉमी-अर्थव्यवस्था खोलने के लिए आने वाले दिनों में 15 करोड़ रैपिड टेस्ट करेंगे, बुजुर्गों को 5 करोड़ टेस्ट किट बांटेंगे; अब तक 3.35 करोड़ केस

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कोरोना संक्रमितों के मामले में दुनिया में अमेरिका पहले पायदान पर है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को कहा कि देश में अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए 15 करोड़ रैपिड टेस्ट (एबट रैपिड पॉइंट ऑफ केयर टेस्ट) किए जाएंगे। इसमें से 5 करोड़ टेस्ट किट ज्यादा खतरे वाले समुदाय, बुजुर्गों के लिए बनाए गए नर्सिंग होम्स और केयर एजेंसीज को दी जाएंगी। लैब में टेस्ट कराने के बजाय एबट टेस्ट किट सस्ती पड़ती है और इससे 15 मिनट में नतीजा मिल जाता है। अमेरिका के ज्यादातर नर्सिंग होम्स में इसी से टेस्ट किए जा रहे हैं। वहीं, दुनिया में अब तक 3 करोड़ 35 लाख 49 हजार 873 लोग संक्रमित हैं। 10 लाख 6 हजार 379 लोगों की मौत हो चुकी है। अच्छी बात ये कि अब तक 2 करोड़ 48 लाख 78 हजार 124 लोग ठीक हो चुके हैं। इन 10 देशों में कोरोना का असर सबसे ज्यादा देश संक्रमित मौतें ठीक हुए अमेरिका 73,61,611 2,09,808 46,09,636 भारत 61,45,291 96,351 51,01,397 ब्राजील 47,48,327 1,42,161 40,84,182 रूस 11,59,573 20,385 9,45,920 पेरू 8,08,714 32,324 6,70,989 स्पेन 7,48,266 31,411 उपलब्ध

1948 में पहली बार डिबेट रेडियो पर हुई, इसके 12 साल बाद पहली बार दोनों कैंडिडेट टीवी पर आमने-सामने हुए

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अमेरिका में आज पहली प्रेसिडेंशियल डिबेट होगी। सीएनएन के मुताबिक, ओहायो में होने वाली यह डिबेट 90 मिनट की होगी और इसमें 6 टॉपिक शामिल किए जाएंगे। इन्हें 15-15 मिनट में बांटा जाएगा। इस दौरान कोई ब्रेक नहीं होगा। फॉक्स न्यूज के क्रिस वॉलेस डिबेट के मॉडरेटर होंगे। क्रिस इसी चैनल में एंकर हैं। द टेलीग्राफ के मुताबिक, वॉलेस रजिस्टर्ड डेमोक्रेट हैं। कुछ दिनों पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प उन्हें इंटरव्यू दे चुके हैं। इंटरव्यू में ट्रम्प कई बार झुंझलाते नजर आए थे। दूसरी और तीसरी डिबेट भी 90- 90 मिनट की होंगी। दूसरी डिबेट फ्लोरिडा, तीसरी टेनेसी में होगी। यहां हम आपको अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में प्रेसिडेंशियल डिबेट से जुड़े 15 फैक्ट्स बता रहे हैं। 162 साल पहले हुई थी पहली डिबेट अमेरिका में पहली प्रेसिडेंशियल डिबेट 1858 में अब्राहम लिंकन और स्टीफन डगलस के बीच हुई। कुल सात डिबेट हुईं। इनमें कोई मॉडरेटर नहीं था। ( सोर्स ) नए दौर की पहली डिबेट टीवी पर नहीं, रेडियो पर 1948 में हुई। इसमें थॉमस डेवे और हेरल्ड स्टेसेन ने हिस्सा लिया। इस डिबेट को करीब 4 करोड़ लोगों ने सुना। ( सोर्स ) अमेरिका मे

मैक्सिको में महिलाओं का प्रदर्शन, बोलीं- गर्भवती होने पर महिलाएं तकलीफें सहती हैं, गर्भ गिराने और रखने का अधिकार भी हमारा हो

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दुनिया के कई देशों में सोमवार को अंतरराष्ट्रीय सुरक्षित गर्भपात दिवस मनाया गया। इस मौके पर मैक्सिको में हजारों महिलाएं सड़क पर उतर आईं और जोरदार प्रदर्शन किया। उनकी मांग थी- महिलाओं को गर्भ गिराने या रखने का अधिकार मिले। उनका कहना था- जब कोई महिला गर्भवती होती है तो सारी तकलीफें भी उसे ही उठानी पड़ती है। इसलिए यह फैसला महिला का ही होना चाहिए कि वह गर्भ रखना चाहती है या नहीं। महिलाओं को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी दागे। साथ ही खुद के बचाव के लिए सुरक्षा कवच भी बनाया। मैक्सिको पुलिस ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने लोहे की रॉड और हथौड़ियों से हमला किया। मालूम हो, 28 सितंबर अंतरराष्ट्रीय सुरक्षित गर्भपात दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह महिलाओं के शरीर पर उनके अधिकार को लेकर एक कोशिश है। महिलाओं ने हथौड़ियों से सुरक्षा कवच को तोड़ने की कोशिश की। इस घटना में कुछ महिलाएं और पुलिसकर्मी भी घायल हुए। पहली बार अमेरिका और कैरेबियाई देशों में 28 सितंबर 1990 को ‘गर्भपात को स्वैच्छिक करने की मांग करते हुए यह दिवस मनाया गया था। लेकिन 2015 में इसका नाम बदलकर अंत

ठंड में कोरोना का खतरा बढ़ेगा, बचाव के लिए खिड़कियां खोलकर रखें, ऑफिस-स्कूलों में एयर फिल्टर और मास्क जरूरी

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(अपूर्वा मांडविल्ली) अमेरिका में रिसर्चरों का कहना है कि जैसे-जैसे ठंड बढ़ेगी और लोगों का एक जगह जुटना बढ़ेगा, वैसे-वैसे कोरोना का खतरा और बढ़ता जाएगा। सर्दियों में लोग घरों, ऑफिसों या बंद जगहों पर रहना पसंद करते हैं। इंडोर जगहों में वायरस के फैलने का खतरा ज्यादा है। अमेरिका के दक्षिणी राज्यों में गर्मियों में लोग एसी ऑफिसों और घरों में ज्यादा इकट्ठा होने लगे थे। अब यही ट्रेंड सर्दियों में भी देखने को मिल सकता है। ऐसे में बचाव के कुछ उपाय किए जा सकते हैं। 1. खराब वेंटिलेशन वाले इंडोर स्थानों में वायरस का असर ज्यादा दूर और देर तक रहता है कोरोना पर रिसर्च कर रहीं अमेरिकी डॉक्टर मार के मुताबिक, खराब वाली वेंटिलेशन वाली जगहों पर, जैसे ज्यादातर रेस्टोरेंट और बार में खतरा ज्यादा होता है। ऐसी जगहों पर वायरस ज्यादा दूर और देर तक रहता है। इन गर्मियों में वैज्ञानिकों ने पाया था कि अस्पताल के अंदर संक्रमित मरीज से वायरस छोटे ड्रॉपलेट्स के रुप में (एयरोसोल्स) हवा में 16 फीट तक फैल रहे थे। डॉ. मार कहती हैं कि अभी भी बचाव का सबसे बेहतर रास्ता है अपने चेहरे को ढंकना और हाथों को धोना। 2. तमाम मह

ट्रम्प और बाइडेन के बीच फर्स्ट प्रेसिडेंशियल डिबेट आज; 90 मिनट की बहस में 6 मुद्दे होंगे, जानें 24 दिन में होने वाली 3 डिबेट्स से जुड़ी अहम बातें

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अमेरिका में राष्ट्रपति पद की चुनावी जंग आखिरी दौर में पहुंचने लगी है। प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रम्प और उनको चुनौती दे रहे डेमोक्रेट उम्मीदवार जो बाइडेन मंगलवार रात 9 बजे (भारतीय समयानुसार बुधवार सुबह 6.30 बजे) पहली प्रेसिडेंशियल डिबेट में हिस्सा लेंगे। कुल तीन डिबेट होंगी। दूसरी 15 और तीसरी 22 अक्टूबर को होंगी। यहां हम आपको इन डिबेट्स से जुड़ी जरूरी जानकारियां दे रहे हैं। पहले ये जानिए कोरोनावायरस की वजह से इस बार तस्वीर कुछ बदली नजर आएगी। मॉडरेटर एक ही होगा। पैनालिट्स नहीं होंगे। दर्शक होंगे या नहीं, या होंगे तो कितने? इस बारे में डिबेट कमीशन ने फिलहाल जानकारी नहीं दी है। हाथ मिलाने की ऐतिहासिक परंपरा भी इस बार नहीं निभाई जाएगी। सीएनएन के मुताबिक, मॉडरेटर और कैंडिडेट्स मास्क नहीं पहनेंगे। ट्रम्प की पत्नी मेलानिया और बेटी इवांका दर्शकों के स्थान पर मौजूद रहेंगी। पहली डिबेट : 29 सितंबर 2020 वक्त : रात 9 बजे (भारतीय समय के अनुसार, बुधवार सुबह 6.30 बजे) कहां : केस वेस्टर्न रिजर्व यूनिवर्सिटी, क्लीवलैंड (ओहायो) कितनी देर : 90 मिनट (कोई ब्रेक नहीं होगा) मॉडरेटर : फॉक्स न्यूज के एंकर

बगदाद एयरपोर्ट को निशाना बनाकर दागा गया रॉकेट घर पर गिरा, एक परिवार की दो महिलाओं और तीन बच्चों की मौत

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इराक की राजधानी बगदाद में एयरपोर्ट को निशाना बनाकर दागा गया रॉकेट एक घर पर गिर गया। इसमें एक परिवार की दो महिलाओं और तीन बच्चों की मौत हो गई। एयरपोर्ट पर अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाने के लिए यह रॉकेट दागा गया था। इराक में पिछले साल से ही अक्सर अमेरिकी सैनिकों के ठिकानों पर ऐसे हमले होते रहते हैं। हालांकि, इनमें आम इराकी नागरिकों की मौत काफी कम हुई है। इराक की सेना ने सोमवार को हुए हमले के बाद कहा कि यह क्रिमिनल गैंग का काम है जो लोगों में डर पैदा करना चाहते हैं। वहीं, इराक की खुफिया सूत्रों के मुताबिक, यह ईरान के सपोर्ट से काम करने वाले कुछ छोटे आपराधिक संगठनों का काम है। अब तक किसी ने नहीं ली हमले की जिम्मेदारी आम तौर पर इराक में अमेरिकी ठिकानों पर हमले के बाद अमेरिका का कट्टर दुश्मन ईरान ट्वीट कर खुशी जाहिर करता है। हालांकि, इस बार आम नागरिकों की मौत की वजह से ईरान ने ऐसा कुछ नहीं किया है। इससे पहले हुए हमलों की जिम्मेदारी लेने वाले छोटे-बड़े दर्जनों संगठनों ने भी इसकी जिम्मेदारी नहीं ली है। अमेरिका ने दी थी सैनिक वापस नहीं बुलाने की चेतावनी अमेरिका ने सोमवार को यह चेतावनी दी