सुप्रीम कोर्ट की दिवंगत जज को श्रद्धांजलि देने पहुंचे ट्रम्प, लोगों ने नारेबाजी कर उनसे वापस जाने को कहा

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को गुरुवार को असहज स्थिति का सामना करना पड़ा। ट्रम्प दिवंगत महिला जज रूथ बादेर गिन्सबर्ग को श्रद्धांजलि देने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। पत्नी मेलानिया भी साथ थीं। इस दौरान वहां मौजूद कुछ लोगों ने राष्ट्रपति के विरोध में नारेबाजी की। इन लोगों ने कहा- ट्रम्प को हराने के लिए वोट दें।

जस्टिस गिन्सबर्ग का 18 सितंबर को निधन हो गया था। उनके निधन के बाद ट्रम्प सुप्रीम कोर्ट में नई महिला जज की नियुक्ति करना चाहते हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी और उसके उम्मीदवार जो बाइडेन इसका विरोध कर रहे हैं। बाइडेन का कहना है कि चुनाव में बहुत कम दिन बचे हैं। लिहाजा, नए जज की नियुक्ति अब नई सरकार को ही करना चाहिए।

मास्क लगाकर श्रद्धांजलि देने पहुंचे ट्रम्प
आमतौर पर ट्रम्प फेस मास्क नहीं लगाते। कोरोनावायरस के दौर में भी उन्होंने मास्क लगाने का मजाक उड़ाया। शुरुआती दौर में कोरोनावायरस को मामूली फ्लू बताया। लेकिन, गुरुवार को जब वे जस्टिस गिन्सबर्ग के अंतिम दर्शन करने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे तो चेहरे पर नीले रंग का मास्क था। पत्नी मेलानिया भी मास्क में नजर आईं। ज्यादातर लाल रंग की पसंदीदा टाई लगाने वाले ट्रम्प ने नीली यानी ब्लू टाई लगाई थी। राष्ट्रपति काफी देर तक गिन्सबर्ग के ताबूत के पीछे खड़े रहे। इस दौरान काफी देर तक उन्होंने आंखें भी बंद रखीं।

नारेबाजी क्यों हुई
ट्रम्प और मेलानिया श्रद्धांजलि समारोह के दौरान शांत खड़े थे। कुछ दूरी पर मौजूद लोग इसी दौरान नारेबाजी करने लगे। उन्होंने कहा- वोट देकर ट्रम्प को हटाओ। दरअसल, नारेबाजी की एक वजह यह बताई जाती है कि जस्टिस गिन्सबर्ग ने अंतिम वक्त में कहा था कि उनकी जगह नए जज की नियुक्ति नए राष्ट्रपति और नई सरकार को करनी चाहिए। हालांकि, गिन्सबर्ग की इस कथित अंतिम इच्छा का कोई सबूत नहीं है।

ट्रम्प कह रहे हैं कि वे जल्द ही नए जज की नियुक्ति करेंगे। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में 9 जज होते हैं। किसी अहम फैसले के वक्त अगर इनकी राय 4-4 में बंट जाती है तो सरकार द्वारा नियुक्त जज का वोट निर्णायक हो जाता है। और चूंकि जज राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त होता है तो माना ये जाता है कि वो सरकार के पक्ष में ही फैसला देगा। लोग इसीलिए ट्रम्प द्वार नए जज की नियुक्ति का विरोध कर रहे हैं।

मैंने कुछ नहीं सुना
जिस जगह ट्रम्प और मेलानिया खड़े थे, और जहां नारेबाजी हुई। इन दोनों जगहों में काफी दूरी थी। लिहाजा, लोगों की आवाज राष्ट्रपति सुन पाए या नहीं, यह नहीं कहा जा सकता। बाद में जब राष्ट्रपति से मीडिया ने पूछा कि आपने नारेबाजी सुनी थी क्या? जवाब में उन्होंने कहा- नहीं, मैं कुछ नहीं सुन पाया। हो सकता है कि नारेबाजी सिर्फ मीडिया ने सुनी हो।

व्हाइट हाउस ने निंदा की
व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैली मैकेनी ने नारेबाजी की निंदा की। कहा- राष्ट्रपति वहां जस्टिस गिन्सबर्ग को श्रद्धांजलि देने गए थे। इस तरह के कार्यक्रम में सियासी नारेबाजी करने वाले लोगों की मैं निंदा करती हूं। ये गलत तरीका है। कुछ देर बाद ट्रम्प ने एक बार फिर साफ कर दिया कि वे गिन्सबर्ग की जगह महिला जज की नियुक्ति जरूर करेंगे और बेहद जल्द।

दो पूर्व राष्ट्रपति भी इन हालात का सामना कर चुके हैं
ट्रम्प पहले राष्ट्रपति नहीं हैं जिनकी इस तरह के समारोहों में हूटिंग हुई हो। बिल क्लिंटन 1993 में वियतनाम वॉर मेमोरियल के एक कार्यक्रम में शहीदों को श्रद्धांजलि दे रहे थे, तब उन्हें भी लोगों की नाराजगी और नारेबाजी का सामना करना पड़ा था। रोनाल्ड रीगन जब कैनेडी सेंटर में बोल रहे थे तब उनका भी इसी अंदाज में विरोध हुआ था।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
गुरुवार को वॉशिंगटन में अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट के बाहर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और पत्नी मेलानिया ट्रम्प। यहां राष्ट्रपति के खिलाफ लोगों ने नारेबाजी की।


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2FZaLBB

Comments

Popular posts from this blog

ट्रम्प की लोकप्रियता बढ़ रही; बिडेन 43% लोगों की पसंद तो ट्रम्प को 40% लोगों का साथ, जुलाई में यह अंतर 7% से ज्यादा था

ट्रम्प मेक अमेरिका ग्रेट अगेन के नारे के साथ इस साल चुनाव जीतना चाहते हैं, जिनपिंग चीन की इमेज सुधारने की कोशिश में हैं

फ्रांस में फिर एक दिन में 14 हजार से ज्यादा मामले सामने आए, ब्रिटेन में प्रतिबंधों का विरोध; दुनिया में 3.30 करोड़ केस