टिंडर समेत पांच डेटिंग ऐप पर प्रतिबंध, चेतावनी के बाद भी अश्लील कंटेट नहीं हटाया था

पाकिस्तान के टेलीकम्युनिकेशन अथॉरिटी (पीटीए) ने मंगलवार को टिंडर समेत पांच डेटिंग ऐप और लाइव स्ट्रीमिंग ऐप पर बैन लगा दिए। आरोप है कि इन प्लेटफॉर्म पर अश्लील कंटेट दिखाया जा रहा था।

पीटीए ने एक बयान में कहा कि अनुचित कंटेट को हटाने में विफल रहने के बाद टिंडर, टैग्ड, स्काउट, ग्रांइडर और से हाय के खिलाफ कार्रवाई की गई। ऐप्स को ‘डेटिंग सर्विस’ और लाइव स्ट्रीमिंग कंटेट को पाकिस्तान के स्थानीय कानूनों के अनुसार हटाने के लिए कहा गया था, लेकिन उन्होंने चेतावनी को नजरअंदाज कर दिया।

पीटीए ने कहा- प्लेटफॉर्म्स ने तय समय के भीतर नोटिसों का जवाब नहीं दिया। इसलिए ऐप्स को ब्लॉक करने के आदेश जारी किए गए। हालांकि, पीटीए ने कहा कि अगर कंपनियां देश के कानूनों का पालन करती हैं और अश्लील कंटेट को हटा लेती हैं तो बैन पर फिर से विचार किया जाएगा।

टिक टॉक को भी चेतावनी

पीटीए नियमित रूप से अश्लील कंटेट दिखाने के लिए साइटों के खिलाफ कार्रवाई करता है। यह ऐप और वेबसाइटों के खिलाफ जनता द्वारा की जाने वाली शिकायतों पर भी कार्रवाई करता है। दो महीने पहले ही लाइव स्ट्रीमिंग एप्लिकेशन बिगो पर प्रतिबंध लगाया गया था। वहीं अश्लील कंटेट को लेकर पर वीडियो-शेयरिंग सर्विस टिक-टॉक को भी अंतिम चेतावनी दी गई।

पबजी पर भी बैन लगाया गया था

1 जून को पबजी गेम को भी बैन कर दिया गया था। कहा गया था कि स्टूडेंट्स इसे खेलने में बहुत समय बर्बाद कर रहे हैं। लेकिन जुलाई में बैन हटा लिया गया। कंपनी ने कानूनों का पालन करने की बात कही। साथ ही कहा था कि माता-पिता की चिंताओं को भी दूर किया जाएगा।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
पीटीए ने कहा कि अगर कंपनियां देश के कानूनों का पालन करती हैं और अश्लील कंटेट को हटा लेती हैं तो बैन पर फिर से विचार किया जाएगा।


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3lEU927

Comments

Popular posts from this blog

ट्रम्प की लोकप्रियता बढ़ रही; बिडेन 43% लोगों की पसंद तो ट्रम्प को 40% लोगों का साथ, जुलाई में यह अंतर 7% से ज्यादा था

ट्रम्प मेक अमेरिका ग्रेट अगेन के नारे के साथ इस साल चुनाव जीतना चाहते हैं, जिनपिंग चीन की इमेज सुधारने की कोशिश में हैं

फ्रांस में फिर एक दिन में 14 हजार से ज्यादा मामले सामने आए, ब्रिटेन में प्रतिबंधों का विरोध; दुनिया में 3.30 करोड़ केस