ढाका में इस बार बड़े पंडाल नहीं; सिर्फ अनुष्ठान पूरे किए जा रहे, पर राजधानी के बाहर पहले जैसी रौनक दिखेगी, 6 हजार पंडाल लगेंगे

(प्रियंका चौधरी) बांग्लादेश में नवरात्रि उत्सव 22 अक्टूबर से 26 अक्टूबर तक होगा। कोरोना के चलते इस बार राजधानी ढाका में दुर्गा पंडाल और पूजा का स्वरूप छोटा हो गया है। ढाका में बड़े पंडाल नहीं दिखेंगे। छोटी-छोटी मूर्तियां या घट स्थापना करके अनुष्ठान पूरे किए जाएंगे। यहां सरकार ने कोविड के बढ़ते मामले को देखते हुए बड़े पंडाल, शोभायात्रा और मूर्ति विसर्जन के जुलूस को इजाजत नहीं दी है। यहां भारत और नेपाल के बाद सर्वाधिक हिंदू आबादी है।

बांग्लादेश हिंदू बौद्धिस्ट क्रिश्चियन परिषद के महासचिव मनिंद्र कुमार नाथ कहते हैं कि कोविड की पाबंदी के बीच बहरहाल यहां नवरात्र उत्सव मनाया जाएगा, लेकिन बिल्कुल ही अलग रंग में। हम सभी गाइडलाइन फॉलो करेंगे। हम बड़े पंडाल की जगह छोटे और खुले हुए पंडाल बना रहे हैं। लोगों की भीड़ रोकने के लिए विशेष आरती का लाइव प्रसारण करेंगे। देवी मां की मूर्ति बनाने में अपना जीवन समर्पित कर चुके हरीपदा पाल कहते हैं कि हमें अपने आसपास के लोगों को सुरक्षित रखने का पूरा प्रयास करना चाहिए। लेकिन पूजा को रोका नहीं जा सकता।

गणेश जी मूर्ति को अंतिम रूप दे रहे नारायण पाल बताते हैं कि इस बार उन्हें 8 ऑर्डर मिले हैं, जिसे वे पूरा करने में लगे। बीते साल 13 ऑर्डर मिले थे। वे बताते हैं, मुझे कोई शिकायत नहीं है। कम से कम अपना जीवन यापन तो कर पा रहा हूं। यहां ढाका में सबसे बड़ा और भव्य पंडाल कालाबागान पूजा मंडप दशकों से लगाता रहा है। पूजा समिति ने बताया कि इस बार उन्हें पंडाल लगाने के लिए अनुमति नहीं मिली है। हम नगर निगम से बातचीत कर रहे हैं। समिति के सदस्य कूंडु कहते है कि हम कम से कम पंचमी पर एक घाट पूजन करना चाहते हैं। ताकि अपने परंपराओं को पूरा कर सकें।

यहां सांस्कृतिक कार्यक्रम, भव्य सजावट और उम्दा फूड पार्क के लिए प्रसिद्ध ढाका का डीओएचएस पूजा मंडप में नवरात्र की तैयारियां चल रही हैं। समिति के महासचिव अनुप कुमार कहते हैं कि इस बार हमारा फोकस सिर्फ अनुष्ठान पूरे करने का है। हमने सभी कल्चरल कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं। सामाजिक दायित्व निभाते हुए हम जरूरतमंदों को मास्क दे रहे हैं। कोरोना के दौरा में यही सबसे बड़ी पूजा है। हालांकि इस बार कल्चरल कार्यक्रमों को ऑनलाइन एक्टीविटीज में बदलने की तैयारी चल रही है। हालांकि ढाका के बाहर पाबंदियों में ढील दी गई है। ढाका के बाहर बरिशल में 617 पंडाल और रंगपुर में 939 दुर्गा पंडाल लगाए जा रहे हैं।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
बांग्लादेश की राजधानी ढाका में माता की मूर्ति तैयार करता एक मूर्तिकार। (फोटोः तौकीर अहमद तनवी)


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3nQxQHL

Comments

Popular posts from this blog

ट्रम्प की लोकप्रियता बढ़ रही; बिडेन 43% लोगों की पसंद तो ट्रम्प को 40% लोगों का साथ, जुलाई में यह अंतर 7% से ज्यादा था

ट्रम्प मेक अमेरिका ग्रेट अगेन के नारे के साथ इस साल चुनाव जीतना चाहते हैं, जिनपिंग चीन की इमेज सुधारने की कोशिश में हैं

फ्रांस में फिर एक दिन में 14 हजार से ज्यादा मामले सामने आए, ब्रिटेन में प्रतिबंधों का विरोध; दुनिया में 3.30 करोड़ केस