अमेरिका , जर्मनी और ब्रिटेन में दिसंबर में शुरू होगा वैक्सीनेशन; ईरान में एक दिन में 13 हजार केस और 475 मौतें

दुनियाभर में अब तक 5.89 करोड़ से ज्यादा लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 4.07 करोड़ लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि 13.93 लाख लोगों की जान जा चुकी है। अब 1.68 करोड़ मरीज ऐसे हैं जिनका इलाज चल रहा है, यानी एक्टिव केस। ये आंकड़े https://ift.tt/2VnYLis के मुताबिक हैं। वैक्सीन का इंतजार कर रहे दुनिया के देशों के लिए खुशखबरी है। अमेरिका, जर्मनी और ब्रिटेन में वैक्सीन बहुत जल्दी आने वाली है। इन देशों के मुताबिक, वैक्सीनेशन दिसंबर में औपचारिक तौर पर शुरू कर दिया जाएगा।

जर्मनी के हेल्थ मिनिस्टर ने भी इस बात की पुष्टि कर दी है कि उनके देश में दिसंबर से वैक्सीनेशन शुरू हो जाएगा।

अमेरिका में 11 दिसंबर से वैक्सीनेशन
संक्रमण और मौतों के मामले में अमेरिका पहले स्थान पर बना हुआ है। यहां के लोगों और जो बाइडेन की आने वाली नई सरकार के लिए एक बेहद राहत भरी खबर है। यूएस कोविड-19 वैक्सीन टास्क के हेड मोन्सेफ सलोई ने सीएनएन को दिए इंटरव्यू में कहा- अमेरिका में पहले व्यक्ति को वैक्सीन 11 दिसंबर को दी जाएगी। हमारी कोशिश है कि जैसे ही एफडीए वैक्सीन को मंजूरी देती है, वैसे ही हम इसको लगाने का काम शुरू कर देंगे। इसके लिए तमाम तैयारियां पहले ही पूरी की जा चुकी हैं। मुझे पूरी उम्मीद है कि 11 या 12 दिसंबर तक हमें मंजूरी मिल जाएगी। राज्यों ने भी इसके लिए सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
अमेरिका में 10 दिसंबर को एफडीए की अहम मीटिंग होने जा रही है। माना जा रहा है कि इसी दिन यह एजेंसी वैक्सीन को मंजूरी दे देगी।

स्पेन जनवरी से शुरू करेगा वैक्सीनेशन
स्पेन के पीएम पेड्रो सांचेझ ने रविवार को बताया कि देश में वैक्सीनेशन का काम जनवरी में शुरू कर दिया जाएगा। सांचेझ ने कहा- हमने अपनी तरफ से तमाम जरूरी व्यवस्थाएं कर ली हैं। हम ये मानकर चल रहे हैं कि देश में जनवरी में वैक्सीनेशन शुरू होगा और तीन महीने में पूरे देश को इसके डोज मुहैया करा दिए जाएंगे। स्पेन और जर्मनी यूरोप के पहले ऐसे देश होंगे जहां कम्पलीट वैक्सीनेशन होगा। देश में कुल 13 हजार वैक्सीनेशन पॉइंट्स बनाए गए हैं।

सलाह मानने तैयार नहीं अमेरिकी
अमेरिकी सरकार ने लोगों से अपील की थी कि वे थैंक्सगिविंग सप्ताह में ट्रैवलिंग से बचें। लेकिन, सरकार की अपील का कतई असर होता नजर नहीं आता। सीएनएन के मुताबिक, लाखों लोग लॉन्ग ड्राइव पर जाने की तैयारी कर चुके हैं। इससे वायरस काफी तेजी से फैल सकता है। इसके अलावा एक और खतरा अस्पतालओं में बेड कम पड़ने का है। यहां पहले ही हालात काबू से बाहर होते जा रहे हैं।

ईरान में हालात बेकाबू
ईरान में रविवार को 13 हजार से ज्यादा मामले सामने आए। इससे भी ज्यादा परेशानी की बात यह है कि इसी दौरान 475 लोगों की मौत हो गई। हेल्थ मिनिस्ट्री ने एक बयान में इन आंकड़ों की पुष्टि की है। सरकार का कहना है कि उसने अपनी तरफ से सख्त उपाय किए हैं, लेकिन लोगों को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। दूसरी तरफ, ईरान सरकार कुछ देशों से वैक्सीन हासिल करने के लिए संपर्क कर रही है। पिछले दिनों खबर आई थी कि ईरान सरकार के अफसरों ने चीन का दौरा किया था और वहां से वैक्सीन खरीदने पर बातचीत की थी। हालांकि, आधिकारिक तौर पर इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है।

तेहरान के एक अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर। ईरान में सरकार ने सख्त उपाय किए हैं, इसके बावजूद यहां मामले बढ़ते जा रहे हैं। कई शहरों में मेकशिफ्ट अस्पताल तैयार किए जा रहे हैं, क्योंकि मरीजों की तादाद बढ़ती जा रही है। (फाइल)

छोटे से देश मैक्सिको में एक दिन में 719 ने दम तोड़ा
लैटिन अमेरिकी देश मैक्सिको में मरने वालों का आंकड़ा एक लाख हो गया है। शनिवार को देश में कुल 719 संक्रमितों ने दम तोड़ा। देश में फिलहाल करीब एक लाख 26 हजार संक्रमित हैं। सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, संक्रमितों की वास्तविक संख्या इससे काफी ज्यादा हो सकती है, क्योंकि दूर दराज के कई इलाकों में अब भी टेस्टिंग और दूसरी सुविधाएं नहीं हैं।



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रविवार को फ्लोरिडा के जैक्सन मेमोरियल हॉस्पिटल से निकलतीं डॉक्टर्स। इस हॉस्पिटल में वैक्सीनेशन की तैयारियां पूरी की जा चुकी हैं। इसके अलावा हॉलीवुड के मेमोरियल रीजनल हॉस्पिटल में भी वैक्सीनेशन की शुरुआत होगी। दोनों हॉस्पिटल्स में वैक्सीन सबसे पहले हेल्थ वर्कर्स को दी जाएगी।


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