क्या हैं रेड, ब्लू और स्विंग स्टेट्स, डेमोक्रेट और रिपब्लिकन्स की नीतियों में क्या फर्क; 5 पॉइंट्स में समझें

अमेरिका में 3 नवंबर को राष्ट्रपति चुनाव है। यहां अर्ली वोटिंग सिस्टम के चलते मतदान पहले से जारी है। अमेरकिा में फेडरल इलेक्शन सिस्टम तो है, लेकिन राज्यों के पास भी चुनाव से संबंधित अधिकार हैं। इस बार मुकाबला वर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और डेमोक्रेट पार्टी के उम्मीदवार जो बाइडेन के बीच है। दोनों की उम्र 70 साल से ज्यादा है। यहां हम आपको अमेरिकी चुनाव से जुड़ी खास जानकारी दे रहे हैं। अकसर, कुछ शब्द सुने जाते हैं। मसलन- रेड स्टेट, ब्लू स्टेट, स्विंग स्टेट। इनके अलावा दोनों पार्टियों की जानकारी भी यहां आपके लिए।

रेड स्टेट्स
आसान शब्दों में समझें तो रिपब्लिक पार्टी के दबदबे या कहें प्रभाव वाले राज्यों को रेड स्टेट कहा जाता है। इसकी वजह यह है कि रिपब्लिकन पार्टी का फ्लैग रेड यानी लाल है। इसके समर्थक आपको अकसर इसी रंग के कैप या टी-शर्ट्स में दिख जाएंगे। 2016 से डोनाल्ड ट्रम्प राष्ट्रपति हैं। वे रिपब्लिकन पार्टी के सदस्य हैं। इस बार वे दूसरे कार्यकाल के लिए मैदान में हैं। अमेरिका के कुल 50 राज्यों में से फिलहाल 26 राज्यों में रिपब्लिकन पार्टी की सरकारें और गवर्नर हैं। यानी 26 रेड स्टेट हैं।

ब्लू स्टेट्स
जिन राज्यों में डेमोक्रेटिक पार्टी का प्रभाव ज्यादा है, उन्हें ब्लू स्टेट कहा जाता है। इसके फ्लैग में ब्लू यानी नीला रंग है। फिलहाल, 24 राज्यों में इसकी सरकारें और गवर्नर हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी ने इस बार जो बाइडेन को मैदान में उतारा है। इसके पहले बराक ओबामा इसी पार्टी से दो बार राष्ट्रपति बने। खास बात ये है कि ओबामा के दौर में बाइडेन वाइस प्रेसिडेंट थे। पार्टी उन्हें अनुभवी नेता और ट्रम्प के मुकाबले ज्यादा बेहतर कैंडिडेट बताती है जो देश में बराबरी की बात करता है।

स्विंग स्टेट्स
कुछ राज्यों को स्विंग स्टेट्स कहा जाता है। नाम से ही जाहिर होता है कि ऐसे राज्य जहां वोटर्स का मूड बदलने की संभावना होती है, वे स्विंग स्टेट्स कहलाते हैं। जैसे, ओहिया या फिर फ्लोरिडा। अकसर, हर चुनाव में स्विंग स्टेट्स बदलते रहे हैं। जैसे इस चुनाव में माना जा रहा है कि एरिजोना, पेन्सिलवेनिया और विस्कॉन्सिन स्विंग स्टेट्स साबित हो सकते हैं। इन राज्यों की वजह से बाइडेन और ट्रम्प की टक्कर दिलचस्प हो सकती है। चुनाव प्रचार के आखिरी दौर में दोनों कैंडिडेट इन्हीं राज्यों पर ज्यादा फोकस कर रहे हैं।
स्विंग स्टेट्स को बैटल ग्राउंड या पर्पल स्टेट्स भी कहा जाता है। पर्पल यानी नीले और लाल को मिलाया जाने वाला रंग। चुनावी लिहाज से इसके मायने कि यहां कोई भी जीत सकता है।

डेमोक्रेट पार्टी
डेमोक्रेट पार्टी अमेरिका की सबसे पुरानी पार्टी है। करीब 200 साल (8 जनवरी 1828 से) पुरानी यह पार्टी औपचारिक गठन से पहले फेडरल पार्टी के तौर पर भी जानी गई। शुरुआती दौर में कुछ मुद्दों पर यह पूंजीवाद की समर्थक नजर आई। लेकिन, 20वीं सदी में पार्टी की नीतियों में बदलाव साफ तौर पर नजर आया। मोटे तौर पर यह आधुनिक उदारवाद की समर्थक मानी जाती है। मजबूत केंद्र सरकार चाहती है। माइनोरिटीज और महिला अधिकारों का समर्थन करती है। इसके अलावा हेल्थ, एजुकेशन, लेबर और एनवॉयरमेंट पर लिबरल पॉलिसीज यानी उदारवादी नीतियों का समर्थन करती है।

रिपब्लिकन पार्टी
1854 में रिपब्लिकन पार्टी की स्थापना हुई। इसे GOP भी कहा जाता है। इसका अर्थ है- ग्रैंड ओल्ड पार्टी। डोनाल्ड ट्रम्प इसी पार्टी के सदस्य हैं। मूल रूप से इसकी नीतियां अमेरिकी परंपराओं या रूढ़िवाद की समर्थक हैं। इसकी विचारधारा के मुताबिक, सरकारों को नागरिकों के जीवन में ज्यादा दखलंदाजी नहीं करनी चाहिए। टैक्स कम करने पर जोर देती है। अबॉर्शन और इमीग्रेशन पर रोक लगाने की समर्थक है। इस पार्टी के ज्यादातर समर्थक अमेरिका को सर्वश्रेष्ठ मानने वाले श्वेत हैं। ये गन कल्चर का विरोध नहीं करते। पिछले कुछ साल से इस पार्टी में युवा और कट्टरपंथी गुट श्वेत गुट उभरे। इन पर नस्लवादी हिंसा के आरोप लगते रहे हैं।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
What are the differences between the policies of the Red, Blue and Swing States, Democrats and Republicans; Understand in 5 points


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2HTE7Ca

Comments

Popular posts from this blog

ट्रम्प की लोकप्रियता बढ़ रही; बिडेन 43% लोगों की पसंद तो ट्रम्प को 40% लोगों का साथ, जुलाई में यह अंतर 7% से ज्यादा था

अमेरिका में चुनाव के दिन बाइडेन समर्थकों ने 75% और ट्रम्प सपोर्टर्स ने 33% ज्यादा शराब खरीदी

124 साल पुरानी परंपरा तोड़ेंगे ट्रम्प; मीडिया को आशंका- राष्ट्रपति कन्सेशन स्पीच में बाइडेन को बधाई नहीं देंगे