अमेरिकी सेना में भर्ती के लिए गणित की ऑनलाइन परीक्षा में नकल, 70 से ज्यादा कैडेट पकड़े गए

न्यूयार्क से 100 किमी दूर वेस्ट पाॅइंट स्थित यूएस मिलिट्री एकेडमी के पिछले 44 साल के इतिहास में पहली बार भर्ती परीक्षा के दाैरान बड़े पैमाने पर नकल का मामला सामने आया है। 70 से ज्यादा कैडेट्स ने गणित की कैलकुलस परीक्षा में नकल की। काेविड-19 के कारण मई में ऑनलाइन परीक्षा कराई गई थी। सिलेक्शन के बाद एकेडमी में जब इन कैडेट्स का परीक्षकों से आमना-सामना हुआ, तब नकल का खुलासा हुआ। 59 कैडेट्स ने नकल की बात कबूल की है।

इनमें से 8 कैडेट्स के खिलाफ ‘ऑनर काेड’ सुनवाई हाेगी। इसमें उन्हें सबूत के आधार पर निकाला भी जा सकता है। 55 कैडेट्स को पेशेवर नैतिकता का सबक सिखाने के लिए रिहैबिलिटेशन प्रोग्राम सेंटर में भेज दिया गया है। अब एकेडमी के सुपरिटेंडेंट लेफ्टिनेंट जनरल डेरिल ए विलियम्स इनकी सजा तय करेंगे।

कैडेट्स को रिहैबिलिटेशन प्रोग्राम सेंटर भेजा

अमेरिकी सेना के सार्वजनिक मामलों के डायरेक्टर ले. कर्नल क्रिस्टाेफर ओफाट ने कहा कि मई में परीक्षा के बाद ऑनलाइन पेपर सबमिट करने में गड़बड़ी नजर आई। जून में सलेक्टेड कैडेट्स को एकेडमी में बुलाया गया और परीक्षकों के सामने बैठाकर पूछताछ की गई। तब पता चला कि 70 से ज्यादा कैडेट्स ने नकल की है।

नकल की बात कबूलने वाले कैडेट्स काे एकेडमी में बने रिहैबिलिटेशन प्रोग्राम सेंटर में भेजा गया है। यहां उन कैडेट्स काे भेजा जाता है, जाे वेस्ट पाॅइंट एकेडमी के नियम-कानून काे ताेड़ते हैं। यहां उन्हें अपनी गलती सुधारने का दूसरा माैका दिया जाता है। इसका नाम ‘विल फुल एडमिशन प्रोग्राम’ रखा गया है। इसमें ऑनर काेड के तहत कैडेट्स काे पेशेवर नैतिकता और मिलिट्री प्रोफेशनल्स का पाठ पढ़ाया जाता है। ‘ऑनर काेड’ का मतलब हाेता है- झूठ न बाेलें, नकल और चाेरी न करें। इन सबसे ऊपर- ऐसा करने वालाें काे बर्दाश्त भी न करें।’

इधर, सशस्त्र सैन्यबल कर्मचारियों की सब कमेटी की प्रमुख जैकी स्पीयर ने घटना पर अफसाेस जताते हुए जानकारी मांगी है। वे कहती हैं कि मिलिट्री के अफसराें काे इज्जत और सम्मान दिया जाता है, क्याेंकि वे अपनी काबिलियत और वफादारी दिखाते हैं। ऐसे में कैडेट्स से भी यही अपेक्षा की जाती है।

1976 में नकल के आरोप में 150 कैडेट्स काे निकाला गया था

अमेरिकी सेना की भर्ती परीक्षाओं में नकल का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले सन 1976 में नकल का मामला सामने आया था। तब इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की अंतिम परीक्षा के दाैरान 150 कैडेट्स काे नकल के आरोप में बाहर कर दिया गया था। इसके बाद से भर्ती परीक्षा काे बेहतर तरीके से करने के लिए नए नियम बनाए गए। तत्कालीन लेफ्टिनेंट जनरल एंड्रयू गुडपास्टर ने वेस्ट पाॅइंट के एकेडमिक प्राेग्राम, मिलिट्री ट्रेनिंग प्राेग्राम और कैडेट ऑनर काेड में कई बदलाव किए थे।



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यूएस मिलिट्री एकेडमी की भर्ती परीक्षा में 44 साल बाद बड़े पैमाने पर नकल का मामला उजागर हुआ है।


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