चीन में सेना की ताकत बढ़ाने वाला नया रक्षा कानून लागू; सैनिकों को हमेशा युद्ध के लिए तैयार रहने का ऑर्डर

भारत समेत कई पड़ोसी देशों से सीमा विवाद में उलझे चीन ने एक जनवरी से नया सुरक्षा कानून लागू किया है। इसके अलावा राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने नए साल में सबसे पहले जिस आदेश पर दस्तखत किए, वह भी सेना से ही जुड़ा है। उन्होंने अपने सैनिकों से जंग के लिए हमेशा तैयार करने के लिए कहा है।

चीन के इन दोनों कदमों से सेनाओं को ज्यादा ताकत मिलेगी। जिनपिंग ने भी अपने आदेश में कहा है कि सैनिक ट्रेनिंग के जरिए खुद को मजबूत रखें और हमेशा हाई अलर्ट पर रहें। 67 साल के जिनपिंग सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (CMC) के अलावा सत्तारूढ़ चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) के हेड हैं।

लोकल मीडिया के मुताबिक, जिनपिंग के आदेश में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) और पीपुल्स आर्म्ड पुलिस फोर्स (PLAF) की ट्रेनिंग को प्रायोरिटी पर रखा गया है। चीनी सेना में करीब 20 लाख सैनिक हैं।

सेनाओं के लिए नए युग की शुरुआत

नए आदेश को चीन की आर्म्ड फोर्सेस के लिए नए युग की तरह माना जा रहा है। इसके मुताबिक, कम्युनिस्ट पार्टी मिलिट्री ट्रेनिंग को अपने तरीके से आगे बढ़ाएगी। सेनाओं को अपनी लड़ाई की क्षमता तेजी से बेहतर करने और ट्रेनिंग सिस्टम में सुधार लाने के लिए कहा गया है।

जिनपिंग के ऑर्डर की खास बातें

  • आदेश में कहा गया है कि सेना को अपने अफसरों और सैनिकों को जंग के वास्तविक हालात के मुताबिक तैयार करना चाहिए।
  • मिलिट्री ऑपरेशन के बारे में रिसर्च पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। हमेशा अलर्ट रहते हुए इमरजेंसी में तुरंत जवाब देने के हिसाब से ट्रेनिंग करना चाहिए।
  • जॉइंट ऑपरेशन के लिए ट्रेनिंग और एक्सरसाइज हमेशा प्रायोरिटी पर रखी जाए। संयुक्त लड़ाकू क्षमता बढ़ाने के लिए इंटर ट्रेनिंग सर्विस को मजबूत करें।
  • कमांडरों को ट्रेनिंग में साइंटिफिक और टेक्नोलॉजिकल फैक्टर्स शामिल करना चाहिए। एबिलिटी बढ़ाने के लिए हाई टेक हार्डवेयर और तरीकों का इस्तेमाल करें।
  • सेना के अफसरों को अपनी ट्रेनिंग और सुपरविजन को सख्ती से परखना चाहिए। साथ ही मैनेजमेंट और प्लानिंग में सुधार करना चाहिए।
  • हर सैनिक को अपनी फाइटिंग स्किल्स मजबूत करना चाहिए। पार्टी और देश की ओर से दिए गए मिशन को पूरा करने के लिए अपनी क्षमताओं को सुधारना चाहिए।
  • कम्युनिस्ट पार्टी की 100वीं सालगिरह का जश्न मनाने के लिहाज से नई उपलब्धियां हासिल करनी चाहिए।

2018 में पहली बार दिया था ऐसा आदेश

जिनपिंग ने इस तरह का पहला आदेश जनवरी, 2018 में जारी किया था। तब वह नॉर्थ चीन में एक शूटिंग रेंज में पहुंचे थे। शी 2012 में कमांडर-इन-चीफ बनने के बाद से ही सेना को लड़ाई के लिए तैयार रहने और जॉइंट ऑपरेशन की जरूरत बताते रहे हैं। 2021 लगातार चौथा साल है जब जिनपिंग ने साल के पहले आदेश के तहत सेना के लिए ट्रेनिंग के लिए फरमान जारी किया है।

नए कानून से सेना की ताकत बढ़ेगी

चीन में लागू नया रक्षा कानून देश और विदेश में देश के हितों को सुरक्षित रखने के लिए बनाया गया है। इससे जिनपिंग के नेतृत्व वाली सेना की शक्तियों को और बढ़ा दिया गया है। संशोधित कानून में खासतौर से नेशनल लेवल पर एक को-ऑर्डिनेशन मैकेनिज्म बनाने पर जोर देता है।

इसमें सरकारी और प्राइवेट सेक्टर को नई डिफेंस टेक्नोलॉजी के लिए रिसर्च में शामिल होने की भी बात है। इसमें पारंपरिक हथियारों के साथ साइबर सिक्योरिटी, स्पेस और इलेक्ट्रो-मैग्नेटिक्स सेक्टर शामिल है।



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चीनी राष्ट्रपति के आदेश में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी और पीपुल्स आर्म्ड पुलिस फोर्स की ट्रेनिंग को प्रायोरिटी पर रखा गया है। - फाइल फोटो


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